अररिया, रंजीत ठाकुर : महिला संवाद में महिलाओं की आकांक्षाएं काफी अहम स्थान रखती हैं। इनका विशेष रूप से रिकॉर्ड रखा जा रहा है। इन आकांक्षाओं की मोबाइल एप में भी एंट्री की जा रही है। जिसका संधारण बहुत ही गंभीरता से किया जा रहा है। आकांक्षा अगर ऐसी है जिसका जिलास्तर पर समाधान किया जा सकता है तो उसे जिलास्तर पर ही समाप्त किया जा रहा है। वहीं, अगर आकांक्षाएं राज्य स्तर की हैं तो सरकार की ओर से इसका निराकरण किया जाएगा। इसतरह जन समस्या को सुलझाने या उसका निराकरण करने के लिए सरकार की ओर से चलाई गई यह बेहतरीन व्यवस्था है। इसके तहत महिलाएँ खुलकर अपनी बात रख रही हैं। उनकी ये बातें सरकार तक पहुंच रही हैं। इससे सरकार को समस्याओं को निपटाने में या निपटाने के लिए नीति बनाने में काफी मदद मिलेगी।
महिला संवाद कार्यक्रम के 28वें दिन भी जिले भर में 18 संवाद रथ की मदद से 36 स्थानों पर महिला संवाद कार्यक्रम संपन्न कराया गया। जिसमें भारी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान महिलाओं ने अपनी आकांक्षाओं को भी व्यक्त किया। कुर्साकांटा की मनोरथ देवी ने कहा कि उनके यहां अस्पताल में चिकित्सा सुविधा की कमी है। जिसकी वजह से मरीजों का सही से इलाज नहीं हो पाता है। ऐसे में मरीज को बेहतर इलाज के लिए अररिया या आस-पास के किसी अस्पताल में ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा नहीं होने से कई बार मरीज अस्पताल भी नहीं पहुंच पाते हैं। रास्ते में ही उनकी मौत हो जाती है। इसलिए सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
सुनीता देवी का कहना है कि रोजी-रोजगार की समस्या यहां की बहुत ब़ड़ी समस्या है। जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। इससे इलाके के लोगों को राहत मिलेगी। वहीं, जीविका की कुछ जीविका दीदियों ने हर ग्राम संगठन को जीविका भवन होने की बात कही। उनका कहना है कि जीविका भवन नहीं होने से उन्हें बैठक करने में काफी दिक्कत होती है। ग्राम संगठन भाड़े के मकान में चलाना पड़ता है। स्थाई जगह नहीं होने की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
बता दें कि हर कार्यक्रम में संवाद रथ के माध्यम से तीन लघु फिल्म का प्रदर्शन किया जाता है। इसमें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से महिला सशक्तिकरण के ऊपर, ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जीविका की सफलता की कहानियों का प्रदर्शन एवं तीसरा वीडियो माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नेतृत्व में बिहार की विकास यात्रा से संबंधित है। जिसके बाद वहां उपस्थित महिलाओं से उनकी आकांक्षा पूछी जाती है। जिसे रिकॉर्ड में लिया जाता है। संवाद कार्यक्रम के दौरान उनके बीच लीफलेट का वितरण भी किया जाता है। उनपर भी सरकारी योजनाओं की जानकारी विस्तार से लिखी होती है।
