अररिया, रंजीत ठाकुर जिले के फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत हरीपुर एचडब्ल्यूसी को राज्यस्तरीय एनक्वास प्रमाणीकरण प्राप्त होने के बाद जिले में दूसरे अन्य संस्थानों के प्रमाणीकरण का प्रयास तेज हो गया है। हरिपुर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की तरह हीं जिले के नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत पिठोरा एचडब्ल्यूसी व जोकीहाट प्रखंड अंतर्गत के केसर्रा एचडब्ल्यूसी को जल्द ही राज्यस्तरीय एनक्वास प्रमाणीकरण प्राप्त हो सकता है। दोनों संस्थानों का राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण को लेकर विभागीय प्रयास युद्धस्तर पर जारी है। जल्द ही राज्यस्तरीय विशेष टीम द्वारा उक्त दोनों संस्थानों पर उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का मूल्यांकन किया जाना है।
चिह्नित कमियों को दूर करने की हो रही पहल
जिला सामुदायिक समन्वयक राकेश कुमार ने बताया कि एनक्वास प्रमाणीकरण को लेकर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर बाह्य रोगी सेवाएं, मातृ, नवजात, बाल व किशोर स्वास्थ्य सेवाएं, दवा की उपलब्धता, परिवार नियोजन, पैथोलॉजी व आपातकालीन चिकित्सकीय सेवाओं को अधिक प्रभावी व उपयोगी बनाने की पहल की जा रही है। विशेषज्ञ स्वास्थ्य अधिकारी व सहयोगी संस्था के प्रतिनिधियों के माध्यम से संबंधित संस्थानों का अनुश्रवण व मूल्यांकन किया जा रहा है। ताकि संस्थान की कमियों को चिन्हित करते हुए समय रहते इसे दूर किया जा सके।
एचडब्ल्यूसी पिठोरा व केसर्रा का होगा राज्यस्तरीय मूल्यांकन
डीसीक्यूए डॉ मधुबाला ने बताया कि नरपतगंज के पिठोरा व जोकीहाट प्रखंड के केसर्रा एचडब्ल्यूसी राज्यस्तरीय मूल्यांकन बहुत जल्द होने होना है। राज्यस्तर से इसकी तिथि निर्धारित किया जा चुका है। आगामी 15 जनवरी को जोकीहाट के केसर्रा व 16 जनवरी को नरपतगंज के पिठोरा एचडब्ल्यूसी का दो सदस्यीय राज्यस्तरीय टीम द्वारा मूल्यांकन किया जाना है। दो सदस्यीय विशेष टीम में पीरामल स्वास्थ्य के डॉ पंकज कुमार मिश्रा व आरपीएम दरभंगा नजमुल होदा के शामिल होने की जानकारी उन्होंने दी।
मूल्यांकन में बेहतर अंक हासिल करना प्राथमिकता
डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने बताया कि दोनों एचडब्ल्यूसी के राज्यस्तरीय मूल्यांकन में बेहतर अंक हासिल करना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसे लेकर मूल्यांकन से संबंधित आठ महत्वपूर्ण सेवाओं क्वालिटी मैनेजमेंट, पेसेंट इनपुट, सपोर्ट सिस्टम, क्नीनिकल सर्विसेस, इंफेक्शन कंट्रोल, प्रिगनेंसी एंड चाइल्ड बर्थ केयर, कम्यूनिकेबल डिजीज सहित अन्य सुविधाओं को एनक्वास यानी नेशनल क्वालिटी असेस्मेंट स्टैंडर्ड के अनुरूप बनाने की कवायद की जा रही है। वहीं संबंधित दोनों एचडब्लूसी पर बिजली, पानी, स्वच्छ पेयजल, पेंसेंट वेटिंग एरिया सहित अन्य जरूरी सुविधाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाने की पहल किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।
एचडब्ल्यूसी को अधिक उपयोगी व कारगर बनाने की है पहल
सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों तक बेहतर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता विभाग की प्राथमिकताओं में शुमार है।
जिले में संचालित एचडब्ल्यूसी को अधिक कारगर व उपयोगी बनाने को लेकर लगातार जरूरी पहल की जा रही है। चिह्नित एचडब्ल्यूसी को एनक्वास प्रमाणीकृत बनाने का प्रयास भी इसी कड़ी का हिस्सा है। ताकि एचडब्ल्यूसी के माध्यम से लोगों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।
