बिहार

358वें प्रकाश उत्सव का पटना साहिब में समापन, गुरु गोविंद सिंह जी के बलिदान को किया याद

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 358वें प्रकाश उत्सव का तीन दिवसीय भव्य आयोजन सोमवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया। समापन समारोह बाल लीला गुरुद्वारा में आयोजित किया गया, जहां विशेष दीवान सजाया गया।

इस अवसर पर पटना साहिब गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य, सेवा ग्रंथी, हेड ग्रंथी, और संगत के पदाधिकारी उपस्थित रहे। पंजाब से आए संत कश्मीर सिंह भूरी बाले बाबा जी ने गुरु महाराज के बलिदान और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन और कृतियां इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हैं। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने परिवार सहित देश की सेवा और रक्षा के लिए बलिदान दिया, जो सिख समुदाय ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा है।

भव्य आयोजन और शोभायात्रा-


गुरु महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर पटना के तख्त श्री हरमंदिर साहिब, गुरु के बाग, कंगन घाट, हांडी साहिब और राजगीर स्थित शीतल कुंड गुरुद्वारा में भव्य पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इन पवित्र स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

विदेशों से आए श्रद्धालु-

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प्रकाश उत्सव के इस पवित्र अवसर पर देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पटना पहुंचे। श्रद्धालुओं ने तख्त श्री हरमंदिर साहिब में गुरु का आशीर्वाद लिया और “वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह” के उद्घोष से वातावरण को पवित्र कर दिया।

गुरु गोविंद सिंह जी का बलिदान-


संत कश्मीर सिंह ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी ने न केवल सिख धर्म को एक नई दिशा दी बल्कि अपने परिवार और चार साहिबजादों की शहादत देकर देश की रक्षा का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह अद्वितीय है।

श्रद्धा और भक्ति का संदेश-


प्रकाश उत्सव के माध्यम से गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की शिक्षाओं को आत्मसात करने का संदेश दिया गया। पटना साहिब में आयोजित यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और भाईचारे का प्रतीक बना।

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