पूर्णिया, (न्यूज क्राइम 24) पूर्णिया जिले को बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना द्वारा प्रखंड स्तर पर एचआईवी जागरूकता, परामर्श एवं जांच सुविधा उपलब्ध कराने हेतु मोबाइल आईसीटीसी वाहन सेवा उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से 04 मार्च से 15 मार्च तक जिले के सभी प्रखंडों के विभिन्न चिह्नित स्थलों पर कैम्प का आयोजन कर स्थानीय लोगों को एचआईवी के प्रति जागरूक किया जाएगा। सोमवार को राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल स्थित जिला संचारी रोग नियंत्रण कार्यालय से प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आर पी मंडल की अध्यक्षता में मोबाइल आईसीटीसी वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस दौरान जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी सह नोडल अधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास, डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास, एआरटी सेंटर इंचार्ज डॉ. सौरभ कुमार, जिला प्रभारी आईसीटीसी पर्यवेक्षक बी एन प्रसाद, डीपीएस राजेश कुमार शर्मा, अहाना टीम पीओ प्रसन्न मिश्रा, एफओ गौतम कुमार, टीआई संजीत कुमार सिंह के साथ जिला एड्स नियंत्रण कार्यालय के पंकज सिंह, संतन कुमार, राजीव कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
सभी प्रखंडों के निर्धारित स्थलों पर लोगों की होगी एचआईवी जांच :
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आर पी मंडल ने बताया कि प्रखंड स्तर पर लोगों को एचआईवी से सुरक्षा के लिए जागरूक करने के साथ साथ आवश्यक परामर्श और जांच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल आईसीटीसी वाहन जिला से रवाना किया जा रहा है। इसके द्वारा जिले के सभी प्रखंडों के चिन्हित स्थलों में जहां के लोगों को ज्यादा एचआईवी ग्रसित होने की संभावना हो वहां कैम्प लगाया जाएगा। कैम्प के माध्यम से वहां के लोगों को एचआईवी के लिए जागरूक करने के साथ साथ परामर्श और जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
वहां अगर कोई व्यक्ति एचआईवी संक्रमित पाया जाता है तो उसे बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल के एड्स नियंत्रण कार्यालय में सूचित करते हुए उन्हें एड्स नियंत्रण कार्यालय से बेहतर चिकित्सकीय सहायता प्रदान किया जाएगा। पूर्णिया जिले में आईसीटीसी मोबाइल वाहन द्वारा 04 मार्च से 15 मार्च तक जिले के सभी प्रखंडों के चिन्हित स्थलों पर कैम्प का आयोजन कर लोगों को एड्स के लिए जागरूक करते हुए उन्हें परामर्श और जांच सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा।
उच्च जोखिमपूर्ण व्यवहार वाले व्यक्तियों के साथ गर्भवती महिलाओं, टीबी रोगियों, एड्स ग्रसित दंपत्तियों के साथ 19 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मिलेगा परामर्श :
जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी सह नोडल अधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास ने बताया कि आईसीटीसी मोबाइल वाहन द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में आईसीटीसी परामर्शी द्वारा निर्धारित किए गए स्थल पर एचआईवी कैम्प का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से संबंधित क्षेत्र में अनिवार्य सेवा के रूप में उच्च जोखिमपूर्ण व्यवहार वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, यक्ष्मा(टीबी) रोगी, यौन रोगी संक्रमित व्यक्ति के पति/पत्नि एवं उसके 19 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एचआईवी से संबंधित परामर्श एवं जांच सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
इसका उद्देश्य वैसे क्षेत्रों तक अपनी सेवा पहुँचाना है जहाँ पर एचआईवी जागरूकता, परामर्श व जांच सेवा आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती है और ज्यादा एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की संभावना हो। ऐसे क्षेत्रों पर आयोजित सभी कैम्प में आईसीटीसी से एक परामर्शी और एक प्रयोगशाला प्रावैधिकी उपलब्ध रहेंगे जिसके द्वारा वहां उपस्थित लोगों की जांच करते हुए उपस्थित लोगों को एचआईवी के प्रति जागरूक किया जाएगा। कैम्प में उपस्थित लोगों के एचआईवी जांच में स्क्रीन रिएक्टिव पाए जाने पर उन्हें यथाशीघ्र नजदीकी आईसीटीसी से सम्पुष्टि कराकर आजीवन निःशुल्क एआरवी दवा प्रारंभ किया जाएगा।
