अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अचरा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय रिफ्यूजी टोला अचरा में तीन शिक्षकों के बदौलत एक से पांच तक क्लास के बच्चों का, की जा रही है पढ़ाई । विद्यालय निर्माण का वर्षों बीत गए, नहीं बना अब तक किचनरूम, बच्चों के क्लास रूम में ही बनाया जाता है एमडीएम का भोजन। जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। इस बाबत प्रभारी प्रधानाध्यापक अमल कुमार पासवान ने बताया कि हमारे विद्यालय में छात्र एवं क्लास अनुपात पांच शिक्षकों का पद आवंटित है, जिसमें तीन शिक्षक कार्यरत है, दो शिक्षकों की कमी है। विद्यालय स्थापना के समय से ही परिसर में किचन रूम का निर्माण नहीं किया गया है। सभी समस्याओं से शिक्षा विभाग के पदाधिकारी को कई बार अवगत करा चुके हैं। इसको लेकर लिखित आवेदन भी दिए हुए हैं।
उन्होंने बताया कि परिसर में किचन रूम का बनना अति आवश्यक है। विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चे हैं और क्लासरूम में एमडीएम का भोजन बनाने में कई तरह की आशंकायें लगी रहती है। उन्होंने कहा मीडिया के माध्यम से संबंधित पदाधिकारी से कहना चाहते हैं कि ननिहालों को ध्यान में रखते हुए अति शीघ्र विद्यालय परिसर में किचन रूम का निर्माण कराया जाय, साथ ही रिक्त दो शिक्षकों का पद को भी भरा जाए। बताते चलें कि शिक्षा व्यवस्था सुधार के लिए बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव के के पाठक जिला स्तर के पदाधिकारी को रोज नए-नए फरमान देते हैं तो वहीं क्षेत्र के पदाधिकारी शिक्षा व्यवस्था सुधार करने में जरा भी दिलचस्पी नहीं रखते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों का स्थिति अभी भी बद से बददतर है। आखिर कौन लेंगे इसकी जिम्मेदारी? छात्र अभिभावक या पदाधिकारी।
