बिहार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है- राज्यपाल

पटना, न्यूज क्राइम 24। ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 देश को एक नई दिशा देनेवाली है तथा इसके कार्यान्वयन में शिक्षकों की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके मन में यह भाव होना चाहिए कि राष्ट्र निर्माण हेतु ईश्वर प्रदत्त इस विशिष्ट दायित्व का निर्वहन उनकी जिम्मेदारी है।’’-यह बातें बिहार राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आई॰आई॰टी॰, पटना में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका‘ विषय पर आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति ब्रिटिश शासन के हितों के अनुरूप थी और इससे भारत का काफी नुकसान हुआ। परन्तु, अब देश करवट ले रहा है और हमें इस परिवर्तन में सहभागी बनना है। आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। ऐसे में हमारा दायित्व है कि हम समय की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 देश को एक नई दिशा देनेवाली है। हमें इस महत्वपूर्ण दस्तावेज में निहित भावना को समझना होगा। उन्होंने इस नीति के क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि ईश्वर ने उन्हें राष्ट्र निर्माण के एक विशिष्ट कार्य के लिए चुना है। उन्हें इस दायित्व का निर्वहन पूर्ण मनोयोग के साथ जिम्मेदारीपूर्वक करना चाहिए।

Advertisements
Ad 1

कार्यक्रम को भारतीय शिक्षण मंडल के आयोजन सचिव बी॰आर॰ शंकरानन्द, आई॰आई॰एम॰, बोधगया की निदेशक प्रो॰ विनीता सहाय एवं आई॰जी॰आई॰एम॰एस॰, पटना के निदेशक डॉ॰ (प्रो॰) बिन्दे कुमार ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर आई॰आई॰टी॰, पटना के निदेशक प्रो॰ टी॰एन॰ सिंह एवं अन्य प्राध्यापकगण, विभिन्न विश्वविद्यालयों के वर्तमान एवं पूर्व कुलपतिगण, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधिगण व शिक्षाविद् तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

Related posts

फुलकाहा में 251 कन्याओं की भव्य कलश शोभायात्रा, भक्तिमय माहौल से गूंजा क्षेत्र

मॉडल विद्यालय की बदहाल व्यवस्था पर उठे सवाल…

सीमावर्ती क्षेत्र बेला में एसएसबी व बिहार पुलिस का संयुक्त गश्त अभियान

error: