पटना सिटी, न्यूज क्राइम 24। श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्याल में महाविद्यालय के यशस्वी एवं प्रगतिशील प्रभारी प्राचार्य प्रो० (डॉ०) कनक भूषण मिश्र की अध्यक्षता में विश्व पर्यटन दिवस काफी धूमधाम से मनाया गया। विदित हो कि विश्व पर्यटन दिवस प्रत्येक वर्ष 27 सितंबर को मनाया जाता है। श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख स्थान है यहां पर सिख पंथ के दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म स्थान है, बाल लीला, गुरुद्वारा, कंगन घाट तथा गंगा का मनोरम दृश्य है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
पटना सिटी के अगल-बगल का इलाका जैसे राजगीर, बोध गया, नालंदा विश्वविद्यालय, वैशाली, कुम्हरार, केसरिया, मनेर, गोलघर विक्रमशिला एवं फुलवारी शरीफ जैसे अनेक स्थान है। जहां पर्यटक वर्ष भर आते हैं ज्ञात हो कि विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा हुई। इस तिथि के चुनाव का मुख्य कारण था कि वर्ष 1970 में UNWTO कानून को स्वीकार किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रभारी प्राचार्य महोदय ने कहा की “सैर कर दुनिया की गाफिल, जिंदगानी फिर कहां, जिंदगानी फिर रही तो, नौजवानी फिर कहां” से प्रारंभ किया। पर्यटन सिर्फ घूमने वालों को ही सुकून नहीं देता बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी बड़ा योगदान देता है। लोगों के बीच पर्यटन के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और यह देश या किसी क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि में कैसे मदद करता है। इस वर्ष पर्यटन दिवस 2023 का थीम है “पर्यटन एवं हरित निवेश” टूरिज्म एंड ग्रीन इन्वेस्टमेंट
आज के इस कार्यक्रम में डॉ अंबुज किशोर झा, डॉ करुणा राय, डॉ संजय कुमार श्रीवास्तव, डॉ उमेश कुमार, डॉ पुष्पा सिन्हा, डॉ एस.टी.असलम, प्रो अरूण कुमार, डॉ के के धर, डॉ सुशील कुमारआदि तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों का एक पर्यटन पर जाने का भी निर्णय लिया गया है तथा उसके बाद अपना अपनाअनुभव कथन देने का निर्णय लिया गया।
