बिहार

संसद की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नीट पेपर लीक पर सार्थक चर्चा पर जोर दिया

दिल्ली, सोनू कुमार : संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही आज लगातार पांचवें दिन भी नीट परीक्षा पेपर लीक और छात्र विरोध प्रदर्शन को लेकर हंगामा जारी रहने के कारण सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। राज्यसभा की कार्यवाही दूसरे स्‍थगन के बाद फिर शुरू होने पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राष्‍ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण विधेयक 1971 में और संशोधन करना है। विधेयक पेश होने से पहले मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी नेता जॉन ब्रिटास और भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी नेता संदोष कुमार ने विधेयक का विरोध किया। विधेयक पेश होने के बाद विपक्षी दलों ने नीट मुद्दे पर फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के जारी रहने पर उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।

पहले स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी जारी रखी। हंगामा जारी रहने पर, सदन की बैठक को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

आज सवेरे सदन ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभापति सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि कारगिल विजय दिवस 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की विजय का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि यह दिन सशस्त्र बलों के उन बहादुर अधिकारियों और सैनिकों को सम्मानित करता है जिन्होंने अनुकरणीय साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि सदन सशस्त्र बलों के उन सभी सदस्यों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता है जिनका असाधारण चुनौतियों का सामना करते हुए अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ समर्पण राष्ट्र को प्रेरित करता रहता है।

सदन ने शहीदों की स्मृति के सम्मान में मौन रखा। इसके बाद सभापति ने शून्यकाल शुरू करने का प्रयास किया और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति दी। श्री खरगे ने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और इस मामले पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। विपक्ष के हंगामे के कारण सभापति ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

लोकसभा की कार्यवाही भी नीट परीक्षा पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष के विरोध और छात्रों के प्रदर्शन के कारण दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले दोपहर 12 बजे पहले स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार पहले दिन से ही नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कुछ शर्तों के कारण चर्चा आगे नहीं बढ़ पाई है। श्री रिजिजू ने कहा कि सभी सदस्यों की यह मंशा है कि इस मुद्दे पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। श्री रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने देश को आश्‍वस्‍त किया है कि पेपर लीक पर सख्त कानून लाया जाएगा।

श्री रिजिजू ने कहा कि नीट पेपर लीक मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने वाले प्रमुख कार्यकर्ता, सोनम वांगचुक, ने भी चर्चा की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्‍होंने कहा कि यदि सांसद चर्चा से बचते हैं और बहाने बनाते हैं, तो इससे देश में नकारात्मक संदेश जाएगा। श्री रिजिजू ने कहा कि आज मंत्रिमंडल बैठक में पेपर लीक के लिए सख्त उपाय और मजबूत कानून लाने पर निर्णय लिए जाएंगे। श्री रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष, राहुल गांधी और उनके अन्‍य सहयोगियों से सदन के सुचारू संचालन का आग्रह किया है।

पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करना चाहिए।

इससे पहले, जब नीट पेपर लीक मामले में विपक्ष के विरोध और विद्या‍र्थियों के प्रदर्शन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। सुबह ग्‍यारह बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सदन ने करगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस वर्ष 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि यह दिन जवानों के अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। श्री बिरला ने कहा कि करगिल युद्ध के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों के बहादुर सैनिकों ने देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए दुर्गम पहाड़ी इलाकों, कठिन परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम का सामना करते हुए अद्वितीय साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। श्री बिरला ने कहा कि मातृभूमि की सेवा में प्राणों की आहुति देने वाले इन अमर शहीदों के प्रति पूरा देश सदैव ऋणी रहेगा। शहीदों की याद में सदन में मौन भी रखा गया।

इसके बाद श्री बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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