पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) पेपर लीक मामले और पटना में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों ने शुक्रवार (25 जुलाई) को बिहार बंद का आह्वान किया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (आरवाईए) ने राज्यभर के छात्रों, युवाओं और आम लोगों से बंद को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सफल बनाने की अपील की है। छात्र संगठनों का कहना है कि पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और मुकदमे दर्ज किए जाने के विरोध में यह बंद बुलाया गया है। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की गई है।
बंद के दौरान छात्र संगठनों ने अपनी 9 प्रमुख मांगें सामने रखी हैं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को वापस लेना, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई, 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करना, प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक वापस लेना समेत अन्य मांगें शामिल हैं। इधर, बिहार बंद को देखते हुए पटना पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शुक्रवार सुबह पटना के शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में 50 पुलिस वाहनों के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया।
फ्लैग मार्च गांधी मैदान से शुरू होकर कारगिल चौक, अशोक राजपथ, बीएन कॉलेज, पटना यूनिवर्सिटी, एनआईटी मोड़ और कदमकुआं होते हुए विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान जिलाधिकारी, एसएसपी, वेस्ट एसपी, पूर्वी एसपी, सेंट्रल एसपी, एसडीएम सहित सभी प्रमुख पुलिस अधिकारी और विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष मौजूद रहे। वहीं, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ लगभग 200 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
