बिहार

पटना एम्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यशाला का आयोजन

फुलवारीशरीफ(अजीत यादव): बुधवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (पटना एम्स) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का आयोजन संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. जी. के. पाल के मार्गदर्शन में किया गया.कार्यशाला में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के ई-हेल्थ अनुभाग की 3 सदस्यों ने एम्स पटना के अधिकारियों एवं चिकित्सकों के साथ विस्तार से कार्यशाला के उद्देश्यों पर चर्चा की. सदस्यों ने कार्यशाला के दौरान बताया की तकनीकी समाधानों के अग्रणी प्रदाता, ई-हेल्थ सेक्शन को एम्स पटना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधान विकसित करने में खुशी हुई.

कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को विभिन्न विभागों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की प्रगति और अनुप्रयोगों के बारे में शिक्षित करना है.कार्यक्रम में दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने नवीनतम रुझानों के साथ साथ एआई के वास्तविक जीवन में उपयोग के मामलों का प्रदर्शन किया. सत्र में मशीन लर्निंग, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, कंप्यूटर विज़न, रोबोटिक्स और एआई को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए संस्थान में काम करने की गुंजाइश सहित कई विषयों पर चर्चा की गई.

दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षण और अनुसंधान में क्रांति ला रहा है, इसलिए इसके सिद्धांतों और अनुप्रयोगों के बारे में एक मजबूत मूलभूत ज्ञान को बढ़ावा देना आवश्यक हो गया है. इस कार्यशाला को संकाय, छात्रों, निवासियों और एआई में रुचिरखने वाले लोगों के नवीन विचारों के लिए विभिन्न विभागों को शामिल करने के लिए डिज़ाइन किया गया था.

संस्थान के प्रमुख डॉ. जी. के. पाल ने कहा, “हमारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विंग उपस्थित लोगों को तेजी से विकसित हो रहे एआई परिदृश्य को नेविगेट करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करने के लिए डिज़ाइन करेगा.एम्स पटना अन्य मेडिकल कॉलेजों को इंटरैक्टिव चर्चाओं और व्यावहारिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे उन्हें एआई प्रौद्योगिकियों के आंतरिक कामकाज में व्यावहारिक अनुभव और अंतर्दृष्टि प्राप्त करने की अनुमति मिलेगी.

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आम लोग स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली से संबंधित अपने विचार एम्स पटना की वेबसाइट पर उपलब्ध एआई पोर्टल पर साझा कर सकते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हम भविष्य में नागरिक केंद्रित सेवाओं को आसान और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के लिए एआई विकसित करने के लिए अपने संस्थान की वेबसाइट से प्राप्त सार्थक विचारों पर विचार करेंगे. डॉ. पाल देश के लिए यह मॉडल निस्संदेह स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली में क्रांति लाएगा और कतार के अंतिम व्यक्तितक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाएगा.

एम्स ट्रॉमा एंड इमरजेंसी हेड डॉ अनिल कुमार ने कहा कि एम्स पटना समान विचारधारा वाले पेशेवरों के साथ मूल्यवान नेटवर्किंग के अवसर भी प्रदान करेगा, अन्य संगठनों के साथ सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। उन्होंने एक व्यापक अवलोकन और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करके कहा, हमारा लक्ष्य व्यक्तियों को एआई की क्षमता का दोहन करने और अपने संबंधित क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सशक्त बनाना है।"

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के ई-हेल्थ अनुभाग से आए नकुल जैन प्राणकुल गोयल एवं डॉ. मलाई शाह की टीम के साथ ही डीन डॉ. उमेश कुमार भदानी, डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, डॉ. असीम सरफराज शामिल थे. हेड रेडियोथेरेपी डॉ. प्रीतांजलि सिंह, डॉ. क्रांति भावना, डॉ. शिवेंद्र चौधरी, डॉ. विकाशचंद्र झा, डॉ. अमित राज, डॉ. कमलेश गुजन, डॉ. स्वेतलिना प्रधान और डॉ. अनिल कुमार, हेड ट्रॉमा सर्जरी (एआई कमेटी के सदस्य सचिव), डॉ. अभुदय, और डॉ. गोपीचंद कार्यशाला में शामिल हुए

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