पटना(न्यूज क्राइम 24): लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चिराग पासवान ने बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम 481 (I) (क) बदलाव पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कानून में बदलाव को आनंद मोहन की रिहाई से जोड़ते हुए सीधा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला है। श्री पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार अपने राजनीतिक फायदों के लिए कानून का दुरूपयोग करते रहे हैं। वे अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए अपने हिसाब से कानून को बदल रहे हैं जिसका उदाहरण है आनंद मोहन की रिहाई के नाम पर कानून में बदलाव।
श्री चिराग ने कहा कि किसी को फंसाना हो तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा कानून बना दिया जाता है, किसी को बचाना हो तो कानून में फेरबदल कर दिया जाता है। बिहार में एक जिम्मेदार आईएसएस अधिकारी की हत्या तो हुई है, इस बात को ना तो दबाया जा सकता है और ना झुठलाया जा सकता है, लेकिन उसके दोषी को कानून में फेरबदल कर इस तरीके से रिहा कर दिया जाना कहीं से उचित नहीं है। सोचिए उस परिवार पर क्या बीत रही होगी जिसने अपने को खोया है।
श्री चिराग ने कहा कि व्यक्ति विशेष के लिए कानून में अचानक किया गया यह बदलाव कहीं ना कहीं मुख्यमंत्री की जातिगत और बांटने की राजनीति को दर्शाता है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) पूरी तरीके से बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस फैसले के खिलाफ है।
श्री चिराग ने मांग की है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आनंद मोहन के लिए कानून में किए गए अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। इस तरीक़े से अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए कानून को अपने हिसाब से तोड़ना मरोड़ना बंद करें। यह फैसला कहीं से भी न्यायोचित नहीं है।
उक्त आशय की जानकारी लोजपा (रा) के प्रदेश मीडिया प्रभारी कुंदन पासवान ने दी
