फुलवारीशरीफ(अजीत यादव): बिहार सरकार के शराब बंदी कानून की सफलता की जिम्मेदारी जिन लोगों के कंधों पर है अब वही लोग शराब के नशे में पकड़े जा रहे हैं. ऐसे में बिहार सरकार के शराब बंदी कानून की सफलता किस तरीके से सुनिश्चित हो पाएगी।
दरअसल, पटना के संपतचक प्रखंड के पंचायत समिति सदस्य को कई लोगों के साथ पुलिस ने शराब पीते हुए गिरफ्तार किया है। गौरीचक थाना पुलिस ने पकड़े गए सभी शराब पीने वालों का मेडिकल टेस्ट कराया जिनमें शराब पीने की पुष्टि हुई। हालांकि पंचायत जनप्रतिनिधि को थाना से छुड़ाने के लिए पैरवीकारों की भीड़ भी थाना में जमा हुई लेकिन उन्हे निराशा ही हाथ लगी। शराब और शराबियों के मामले में सख्त कार्रवाई करने के लिए चर्चित गौरीचक थानेदार लालमणि दुबे ने उन्हें कोई रियायत नहीं दी और अन्य शराबियों के साथ पंचायत समिति सदस्य छोटू रविदास उर्फ ओम प्रकाश रविदास को भी मेडिकल कराने के बाद कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेशी के लिए भेज दिया।
वहीं पूरे संपतचक व गौरीचक इलाके में चिपुरा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य छोटू रविदास उर्फ ओमप्रकाश रविदास शराब के नशे में धुत पकड़े जाने की चर्चा से इलाके में हलचल तेज हो गई ।वही आम लोगों में चर्चा है कि सरकार ने शराबबंदी कानून की सफलता के लिए सभी पंचायत जनप्रतिनिधियों को आम लोगों के साथ ही शराबबंदी की शपथ भी दिलाई थी ऐसे में पंचायत के जनप्रतिनिधि शराब के नशे में पकड़े गए हैं तो देखना दिलचस्प होगा, सरकार अब ऐसे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है .
जनप्रतिनिधि के शराब के नशे में पकड़े जाने पर चौक चौराहा पर व चाय पान की दुकानों में लोग चटखारे से चर्चा करते देखे गए। अब देखना है कि पंचायत समिति सदस्य ओम प्रकाश रविदास उर्फ छोटू रविदास को शराब के नशे में पकड़े जाने के बाद न्यायालय से क्या राहत मिल पाती है या उन्हें जेल जाना पड़ेगा। फिलहाल गौरीचक थाना पुलिस ने शराब के नशे में धुत पंचायत समिति सदस्य ओम प्रकाश को 5 अन्य शराबियों के साथ पेशी के लिये न्यायालय में भेज दिया है। थाना अध्यक्ष लालमणि दुबे के मुताबिक शराब के नशे में पकड़े गए ओमप्रकाश रविदास और छोटू रविदास क्लेश साव रविंद्र साव धर्मेंद्र सिंह भोला साव एवं रणजीत चौहान को मध निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।
