फुलवारीशरीफ(अजीत यादव): पटना के फुलवारी शरीफ में हाथी पालने के शौकीन और अपने नालायक बेटे की करतूतों से आजिज होकर अपने एरावत संस्था की करोड़ों की संपत्ति हाथी के नाम कर देने वाले मोहम्मद अख्तर उर्फ अख्तर हाथी मुखिया की गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गई। घटना घटना के बाद मुर्गियाचक और जानीपुर समेत आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई मारे डर के ग्रामीणों ने अपने खिड़की दरवाजे लगा लिए काफी देर बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तब ग्रामीण अपने-अपने घरों से बाहर निकले । अपराधी जानीपुर के मुर्गियाचक स्थित जहां उनका हाथी पालने का दालान था वहां घुसकर ताबड़तोड़ 10 राउंड से अधिक गोलियों की बौछार कर दी पुलिस के मुताबिक गंभीर रूप से जख्मी हालत में मोहम्मद अख्तर मुखिया को एम्स ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया । बता दें कि अख्तर मुखिया हाथी के मामले में पूरे बिहार में प्रसिद्ध थे और बिहार सरकार के द्वारा हाथियों की देखरेख के लिए उन्हें बुलावा भेजा जाता था। अख्तर मुखिया की पत्नी दो बेटे और एक बेटी है जो फुलवारीशरीफ खलील पुरा मोहल्ले में रहते हैं.
वह अख्तर मुखिया का एक बेटा अभी जेल में बंद है जिसे जेल से छुड़ाने के लिए दानापुर व्यवहार न्यायालय में पुलिस वाहन पर हमला कर दिया था। इस मामले में पुलिस कर्मी की मौत भी हो गई थी बहरहाल अख्तर अख्तर मुखिया जमीन की खरीद बिक्री के कारोबार से जुड़े थे । इनका भी पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस संपत्ति विवाद एवं जमीन से जुड़े विवाद को खंगाल कर हत्याकांड में शामिल अपराधियों का पता लगाने में जुट गई है। एक बार मुखिया का चुनाव लड़ने के बाद फूलवारी के ख़लीलपूरा का मो अख्तर मुखिया के नाम से प्रसिद्ध हो गया था। अख्तर के पास दो हाथी हैं। एक का नाम रानी तो दूसरे का नाम मोती है। उनका सुबह से लेकर रात तक का वक्त इन्हीं के साथ बीतता है। अपनी पांच करोड़ की जमीन इनके नाम लिखने पर वे सुर्खियों में आए थे। उन्होंने अपनी जायदाद की रजिस्ट्री दो हिस्सों में की है। एक हिस्सा उनकी पत्नी का तो दूसरा हाथियों का है।
