बिहार

जन-प्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से शहरी इलाकों में सुदृढ़ होगी हास्वास्थ्य सेवाएं

अररिया, रंजीत ठाकुर शहरी इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती महत्वपूर्ण है। तेजी से बढ़ती आबादी के कारण तुलनात्मक दृष्टिकोण से शहरों में अधिक गरीबी देखी जाती है। वहीं शहरी आबादी में डायबिटीज, बीपी, हृदय रोग, टीबी, कैंसर बीमारियों का अनुपात ग्रामीण इलाके की तुलना में अधिक है। शहरी इलाके में बसे लोगों के स्वास्थ्य व पोषण मामलों में सुधार के उद्देश्य से राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है। योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में किया गया। इसमें फारबिसगंज नगर परिषद की मुख्य पार्षद वीणा देवी सहित अररिया व फारबिसगंज नगरपरिषद क्षेत्र के कई वार्ड पार्षदों ने भाग लिया। सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में डीसीएम सौरव कुमार, यूनिसेफ के एडीसी राकेश कुमार, पीएसआई के जिला प्रबंधक सत्येंद्र नारायण सहित अन्य मौजूद थे।

शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना उद्देश्य
जिला सामुदायिक समन्वयक सौरव कुमार ने बातया कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन का उद्देश्य शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाते हुए पोषण, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता संबंधी मामलों को उत्कृष्ट बनाना है। इसमें शहरी इलाके के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उनकी मदद से समुदाय आधारित मॉनेटरिंग, व सहयोग तंत्र को विकसित करते हुए स्वास्थ्य व पोषण संबंधी मामलों में सुधार के साथ-साथ शहरी इलाके में बसे गरीब व वंचित परिवार के लोगों तक गुणात्मक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कराया जा सकता है।

जन प्रतिनिधियों के सहयोग से स्वास्थ्य कार्यक्रम होंगे प्रभावी
यूनिसेफ के कंसल्टेंट राकेश कुमार ने कहा जनप्रतिनिधियों की मदद से शहरी क्षेत्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाया जा सकता है। वार्ड कॉर्डिनेशन कमेटी गठित कर विभिन्न शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम, स्वास्थ्य सुरक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन सहित अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी व उपयोगी बनाया जा सकता है।

गरीब व वंचितों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना प्राथमिकता


सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने कहा कि जन प्रतिनिधियों से लोगों की बहुत सारी उम्मीदें जुड़ी होती है। स्वास्थ्य व पोषण संबंधी मामलों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए उपलब्ध सरकारी योजनाओं के प्रति उन्हें जागरूक करने में वे महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करते हुए विशेषकर गरीब व वंचित वर्गों को इसका लाभ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग इसे उत्कृष्टता प्रदान करने में मददगार साबित होगा।

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