फुलवारीशरीफ, अजीत। पटना-गया रेलखंड पर कुरथौल-नत्थूपुर के पास रेलवे ट्रैक के इस पार से उस पार आने-जाने के लिए इस्तेमाल हो रहे रास्ते को जेसीबी से बंद करने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया. गायत्री नगर, परशुरामचक, बढ़ई टोला और हरिजन टोला के महिला-पुरुष कुरथौल बनस्थली स्कूल के पश्चिम रेलवे पटरी के पास जुटे और रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए रेलवे प्रशासन मौके पर रास्ता बंद करने के लिए नहीं पहुंचा.
प्रदर्शन का नेतृत्व समाजसेवी दिलीप पटेल और भाजपा नेता शिवजी यादव ने किया. ग्रामीणों का कहना था कि रेलवे लाइन के पश्चिमी हिस्से में रहने वाले लोगों के लिए यह रास्ता आवागमन का प्रमुख साधन है. इसे बंद कर देने से हजारों लोगों को आने-जाने में परेशानी होगी. ग्रामीणों ने कहा कि पहले उनके आवागमन के लिए अंडरपास, ऊपरी पुल या कोई सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता बनाया जाए, उसके बाद ही वर्तमान रास्ते को बंद किया जाए.
दिलीप पटेल और शिवजी यादव ने कहा कि कुरथौल-नत्थूपुर रोड पर KM 5/8-10 के पास अंडरपास स्वीकृत होने के बावजूद उसका निर्माण नहीं कराया गया है. न ही ऊपरी पुल या वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की गयी है. ऐसे में एकमात्र आवागमन वाले रास्ते को जेसीबी से बंद करना ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या पैदा करेगा. उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के रास्ता बंद किया गया तो ग्रामीण रेल रोको आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे.
ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से मांग की कि पहले कुरथौल-नत्थूपुर के पास स्वीकृत अंडरपास का निर्माण कराया जाए. यदि किसी कारण से अंडरपास का निर्माण संभव नहीं है तो ऊपरी पुल अथवा सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाए. इसके बाद ही वर्तमान रास्ते को बंद करने की कार्रवाई की जाए। रेलवे प्रशासन द्वारा मंगलवार को रास्ता बंद करने के लिए जेसीबी नहीं पहुंचने के बाद फिलहाल ग्रामीणों का प्रदर्शन समाप्त हो गया. हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में बिना वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था किए आवागमन बंद करने की कोशिश की गयी तो आंदोलन तेज किया जाएगा. अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन ग्रामीणों की मांग पर क्या कदम उठाता है।
