कटिहार, (न्यूज़ क्राइम 24) देश को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प और ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत आज कटिहार में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। सामाजिक सरोकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम को मजबूती देते एस.के. नसीमुद्दीन ने अनुकरणीय कदम उठाते हुए तीन टीबी मरीजों को गोद लिया और उन्हें पोषण पोटली प्रदान की।
इस विशेष कार्यक्रम के दौरान अपर उपाधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी पदाधिकारी डॉ. अशरफ रिजवी मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति में मरीजों को उचित पोषण सामग्री सौंपी गई, जो उनके जल्द स्वस्थ होने में बेहद मददगार साबित होगी।
“टीबी के इलाज में दवाओं के साथ-साथ सही और पौष्टिक आहार का होना बेहद जरूरी है : जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. अशरफ रिजवी
मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. अशरफ रिजवी ने कहा, “टीबी के इलाज में दवाओं के साथ-साथ सही और पौष्टिक आहार का होना बेहद जरूरी है। सरकार निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों की मदद कर ही रही है, लेकिन जब समाज के प्रबुद्ध नागरिक और संस्थाएं आगे आकर मरीजों को गोद लेती हैं, तो इससे मरीजों का आत्मबल दोगुना हो जाता है। एस.के. नसीमुद्दीन की यह पहल समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।”
“टीबी सिर्फ एक बीमारी नहीं है, बल्कि इससे लड़ना हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी है :
टीबी मरीजों को पोषण पोटली सौंपने के बाद एस.के. नसीमुद्दीन ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “टीबी सिर्फ एक बीमारी नहीं है, बल्कि इससे लड़ना हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी है। माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘टीबी मुक्त भारत’ के सपने को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। इन मरीजों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करना और इन्हें बीमारी से उबरने में मदद करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भविष्य में भी इस तरह का सहयोग जारी रहेगा।”
इस अवसर पर उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों और गणमान्य लोगों ने इस पहल की सराहना की और संकल्प लिया कि वे कटिहार जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेंगे। कार्यक्रम के अंत में टीबी के लक्षणों और इसके मुफ्त इलाज के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान कमलेश कुमार साहु, मो शब्बीर आलम, रमेश उरांव, संजय कुमार, प्रकाश चंद्र प्रकाश मौजूद रहे।
