शेखपुरा, उमेश कुमार : जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय में प्रोजेक्ट स्वाभिमान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ईंट-भट्ठा श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
नींव की ईंट फाउंडेशन की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के अंशु कुमार ने बताया कि हाल के सर्वेक्षण में बड़ी संख्या में ईंट-भट्ठा श्रमिक परिवार जरूरी दस्तावेजों और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित पाए गए हैं।
डीएम ने दिए ये बड़े निर्देश:
- डोर-स्टेप डिलीवरी: कैम्प लगाकर घर के पास ही पात्र लाभार्थियों को दस्तावेज व सेवाएं दी जाएंगी।
- 15,000 का लक्ष्य: अगले दो सप्ताह में 15 हजार से अधिक जरूरी दस्तावेज व सेवाएं उपलब्ध कराने का टारगेट रखा गया है।
- क्रेच-सह-लर्निंग सेंटर: जिले के 55 ईंट-भट्ठों पर बच्चों के लिए क्रेच-सह-अक्षर लर्निंग सेंटर बनाने का निर्देश खनिज विकास पदाधिकारी को दिया गया।
सफाई कर्मियों का भी होगा सर्वे:
बैठक में निर्णय लिया गया कि सफाई कर्मी समुदाय का भी व्यापक सर्वेक्षण कर वंचित परिवारों की पहचान की जाएगी और उन्हें दस्तावेज व योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को मिशन मोड में आपसी समन्वय से काम करने को कहा ताकि अंतिम पंक्ति का कोई भी जरूरतमंद सरकारी सेवाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट स्वाभिमान का उद्देश्य हर जरूरतमंद तक समय पर सरकारी सेवाएं पहुंचाना है।
बैठक में अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, खनिज विकास पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
