पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने 1 पोलो रोड स्थित आवास पर संवाददाता सम्मेलन कर सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने 19 अगस्त को प्रस्तावित राजभवन (लोकभवन) मार्च में छात्रों, युवाओं और आम लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान कथित गोलीकांड को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि AK-47 से फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारी को निलंबित किया जाए और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान आधुनिक हथियार का इस्तेमाल किसके आदेश पर हुआ और हथियार जारी करने की पूरी कमांड चेन की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज, आंसू गैस और फायरिंग की घटनाएं हुईं। उनके मुताबिक, सीवान के तीन लोगों को गोली लगी और उनका इलाज पटना के मेदांता अस्पताल में हुआ। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने घायलों से मुलाकात तक नहीं की।
तेजस्वी यादव ने मांग की कि फायरिंग का आदेश किसने दिया, आरोपी जवान को AK-47 किस यूनिट या शस्त्रागार से मिली, कारतूसों का हिसाब क्या है और संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका क्या रही, इसकी जांच सार्वजनिक की जाए। उन्होंने सीवान के एसपी के निलंबन की भी मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गोलीकांड को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और मुख्यमंत्री को इस मामले पर चुप्पी तोड़नी चाहिए। उन्होंने न्यायिक जांच का आदेश देने की मांग दोहराई। उन्होंने बिहार में पेपर लीक, बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं हुआ है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 19 अगस्त के आंदोलन को रोकने के लिए छात्र नेताओं की गिरफ्तारी की जा रही है। उन्होंने लोगों से राजभवन मार्च में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों की आवाज दबाई नहीं जानी चाहिए।
संवाददाता सम्मेलन के बाद तेजस्वी यादव गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे और आरई-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल नेताओं एवं छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से उनकी जायज मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग की। इस अवसर पर राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, सांसद संजय यादव, पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता, कुमार सर्वजीत, विधान पार्षद डॉ. सुनील कुमार सिंह, सोनू कुमार राय, शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद, चितरंजन गगन, डॉ. अनवर आलम, विनय कुमार यादव, महताब आलम सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
