पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) अत्यंत दुःख और गहरे शोक के साथ सूचित किया जाता है कि सैयद ज़ियाउर रहमान साहब का 14 सितंबर 2026 को 56 वर्ष की आयु में निधन हो गया। हृदयाघात के कारण उन्होंने 14 सितंबर की रात्रि लगभग 1:30 बजे जय प्रभा मेडांटा अस्पताल, पटना में अंतिम सांस ली। उनके निधन से बिहार के स्पोर्ट क्लाइम्बिंग समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है।
सैयद ज़ियाउर रहमान साहब इस्लामिक उर्स कमेटी के महासचिव एवं ज़ियारत के गद्दी नशीन थे। सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ वे बिहार में स्पोर्ट क्लाइम्बिंग के सम्मानित समर्थक और प्रचारक भी रहे। वर्ष 2015 से वे बिहार में स्पोर्ट क्लाइम्बिंग के विकास और प्रचार-प्रसार से सक्रिय रूप से जुड़े रहे तथा स्पोर्ट क्लाइम्बिंग एसोसिएशन ऑफ बिहार और खिलाड़ियों को निरंतर सहयोग एवं प्रोत्साहन देते रहे।
जब बिहार में स्पोर्ट क्लाइम्बिंग अपने शुरुआती दौर में थी और इस खेल के बारे में बहुत कम लोग जानते थे, तब उन्होंने इस खेल पर विश्वास किया और इसके विकास एवं विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने, आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए वे लगातार प्रोत्साहित करते रहे।
उनकी पत्नी श्रीमती सीमा अहमद ने भी हमेशा स्पोर्ट क्लाइम्बिंग का समर्थन और प्रचार किया। सैयद ज़ियाउर रहमान साहब और श्रीमती सीमा अहमद ने अपने पुत्र तथा बिहार के स्पोर्ट क्लाइम्बिंग खिलाड़ियों को निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन दिया। बिहार में स्पोर्ट क्लाइम्बिंग को आगे बढ़ाने में इस परिवार का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है।
पुत्र सैयद अबादुर रहमान ने किया भावपूर्ण स्मरण
उनके पुत्र सैयद अबादुर रहमान, सचिव, स्पोर्ट क्लाइम्बिंग एसोसिएशन ऑफ बिहार एवं बिहार के प्रथम राष्ट्रीय स्पोर्ट क्लाइम्बर, ने अपने पिता को याद करते हुए कहा:
“मेरे पिता ने बचपन से ही मुझे क्लाइम्बिंग के लिए प्रेरित किया। जब बिहार में लगभग कोई क्लाइम्बिंग गतिविधि नहीं थी, तब भी उन्होंने मेरा पूरा साथ दिया। उनके विश्वास और प्रोत्साहन के कारण मैं बिहार का प्रथम राष्ट्रीय स्पोर्ट क्लाइम्बर बन सका। मेरी माँ सीमा अहमद ने भी हमेशा मेरा और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग का साथ दिया। मेरे माता-पिता दोनों का बिहार में स्पोर्ट क्लाइम्बिंग के विकास में अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।”
उन्होंने भावुक होकर कहा, “धन्यवाद पापा, हमेशा मेरा साथ देने, मुझ पर विश्वास करने और मेरी स्पोर्ट क्लाइम्बिंग यात्रा को समर्थन देने के लिए। स्पोर्ट क्लाइम्बिंग एसोसिएशन ऑफ बिहार और बिहार क्लाइम्बिंग के लिए आपका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।”
खिलाड़ियों के लिए हमेशा बने प्रेरणास्रोत
बिहार के प्रथम पैरा मेडलिस्ट स्पोर्ट क्लाइम्बर अर्जुन पांडेय ने भी उन्हें याद करते हुए बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जाने से पहले सैयद ज़ियाउर रहमान साहब ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा था, “तुम बहुत मेहनत से ट्रेनिंग कर रहे हो, तुम मेडल लेकर आओगे।” उनका यह विश्वास और प्रोत्साहन खिलाड़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि जीवन के अंतिम दिन तक सैयद ज़ियाउर रहमान साहब बिहार में स्पोर्ट क्लाइम्बिंग के विकास और खिलाड़ियों की प्रगति के लिए कार्य करते रहे। उनका विश्वास, सहयोग और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की भावना बिहार की क्लाइम्बिंग यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
उनके निधन पर स्पोर्ट क्लाइम्बिंग एसोसिएशन ऑफ बिहार की ओर से सैयद शमाएल अहमद, नेहाल अहमद, अर्जुन पांडेय, सैयद मोतिउर रहमान, बिट्टू कुमार, अभिषेक कुमार, मिराज, संजीत कुमार, रंगीला यादव, संतोष कुमार, मनीष कुमार, रवि राज मिश्रा, इरफान अहमद, अफजाल अहमद नदीम, कमाल अहमद और अजहर हुसैन सहित एसोसिएशन से जुड़े खिलाड़ियों एवं सदस्यों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने कहा कि बिहार में स्पोर्ट क्लाइम्बिंग के विकास में सैयद ज़ियाउर रहमान साहब का योगदान, सहयोग और खिलाड़ियों के प्रति उनका विश्वास सदैव याद रखा जाएगा। जिस समय बिहार में इस खेल को आगे बढ़ाने के लिए बहुत कम लोग सामने आए थे, उस समय उनका विश्वास और समर्थन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायी रहेगा। उनकी सेवा, सहयोग और बिहार स्पोर्ट क्लाइम्बिंग के विकास में उनके अमूल्य योगदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा।
