बिहार

‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ से छात्रों की आवाज सीधे सरकार तक पहुंचेगी : संजय सरावगी

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने छात्रों के प्रदर्शन और आंदोलन को लेकर कहा कि बिहार सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार छात्रों एवं नौजवानों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों को सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए आज ही ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का शुभारंभ किया गया है। इससे छात्रों की आवाज संस्थागत तरीके से सरकार तक पहुंचेगी और उनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया और प्रभावी होगी।

संजय सरावगी ने कहा कि बिहार सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल शिक्षक भर्ती के लिए TRE-4 के तहत 32,388 पदों का विज्ञापन जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब लगभग 20 हजार पदों की मांग की जा रही थी, तब सरकार ने उससे कहीं अधिक 32,388 पदों पर भर्ती का रास्ता खोल दिया। एक सितंबर से आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि सरकार छात्रों के भविष्य और रोजगार को लेकर गंभीरता से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है। Student Credit Card योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है और राज्य सरकार इसकी गारंटी देती है। उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है। राज्य के 211 ऐसे प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू कराने का निर्णय लिया गया है, जहां पहले डिग्री कॉलेज की सुविधा नहीं थी। यह सरकार की व्यापक शिक्षा नीति का प्रमाण है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को और पारदर्शी, निष्पक्ष एवं छात्र-केंद्रित बनाने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। सरकार परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर लगातार काम कर रही है। छात्रों की जो भी जायज मांग है, उस पर सरकार संवाद कर रही है। छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत की जा रही है और अधिकारियों को भी छात्रों की समस्याएं सुनने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्र बिहार और देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज को अनसुना करने का सवाल ही नहीं है।

संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें छात्र हित की चिंता आज ही क्यों याद आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव के लंबे शासनकाल में बिहार की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था की क्या स्थिति थी, यह किसी से छिपा नहीं है। उस समय पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज की घटनाओं के बावजूद कोई प्रभावी कानून नहीं बनाया गया।

उन्होंने कहा कि आज सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार Education, Employment और Examination Reform पर स्पष्ट रणनीति के साथ काम कर रही है। छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और संस्थागत प्रक्रिया से होना चाहिए, न कि राजनीतिक दलों के मंच से। यदि कोई जायज समस्या है तो विद्यार्थी सीधे शिक्षा विभाग और सरकार के समक्ष अपनी बात रखें। सरकार का रास्ता संवाद और समाधान का है, जबकि विपक्ष आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है।

संजय सरावगी ने कहा कि TRE-4 का विज्ञापन जारी हो चुका है, 32,388 पदों पर भर्ती का अवसर सामने है, आवेदन एक सितंबर से शुरू होंगे और परीक्षा सुधार की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। ऐसे में बार-बार नई मांगें जोड़कर आंदोलन को लंबा खींचने की कोशिश छात्रों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ राजनीति नहीं, बल्कि उनके भविष्य को मजबूत करने की जरूरत है।

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