फुलवारीशरीफ, अजीत। मुख्यमंत्री ने रविवार को एम्स, पटना का निरीक्षण कर संस्थान के विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं और अधोसंरचना को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एम्स के विकास के लिए हरसंभव सहयोग देगी तथा संस्थान के विस्तार के लिए जल्द ही 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जाएगी. अतिरिक्त भूमि मिलने के बाद एम्स में लगभग 200 नए बेड की व्यवस्था हो सकेगी, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एम्स, पटना से नाथूपुर तक प्रस्तावित चार लेन सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के लिए आवश्यक समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सड़क बनने से मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने बर्न मरीजों के बेहतर इलाज के लिए एम्स में स्किन स्टोरेज (त्वचा भंडारण) की व्यवस्था विकसित करने में राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया. उन्होंने बर्न वार्ड का भी निरीक्षण किया, भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली. साथ ही मरीजों और उनके परिजनों का मनोबल बढ़ाते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पीईटी-सीटी रूम, स्पेक्ट-सीटी रूम और रेडियो फार्मेसी लैब का निरीक्षण किया. इसके अलावा ऑन्कोलॉजी विभाग, एनाटॉमी विभाग तथा ओपीडी की व्यवस्थाओं का भी जायजा लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की
मुख्यमंत्री ने एम्स परिसर स्थित तालाब का भी निरीक्षण किया और उसके जीर्णोद्धार का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि तालाब को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन एवं आकर्षण के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि यह लोगों के लिए भी उपयोगी और सुंदर स्थल बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. एम्स, पटना के विकास से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों में राज्य सरकार सक्रिय सहयोग प्रदान करेगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, विशेष सचिव अरविंद कुमार चौधरी, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, एम्स के निदेशक प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।
