पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, बेरोजगारी और सार्वजनिक शिक्षा पर बढ़ते हमले के खिलाफ 6 सितंबर को पटना के एस.के. मेमोरियल हॉल में ‘Gen-Z और अल्फा की आवाज’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में जंतर-मंतर आंदोलन की चर्चित नेता एवं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा बोरा सहित देशभर के छात्र-युवा आंदोलनों के प्रतिनिधि और दमन के शिकार छात्र-युवा शामिल होंगे।
कार्यक्रम में CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, झारखंड के JSSC आंदोलन की मुखर आवाज हबीबा, जंतर-मंतर आंदोलन की चर्चित आवाज इरफान तथा प्रोफेसर एवं व्यंग्यकार डॉ. मेडुसा सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहेंगे।
आज पटना में संवाददाता सम्मेलन में AISA नेताओं ने कहा कि बिहार में शिक्षा और रोजगार का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, बेरोजगारी, सरकारी स्कूलों की बदहाली और उच्च शिक्षा पर बढ़ते नियंत्रण ने लाखों छात्र-युवाओं के भविष्य को गंभीर संकट में डाल दिया है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से बिहार विश्वविद्यालय एक्ट, 1976 को खत्म करने की कोशिश बंद करने, फीस वृद्धि वापस लेने, 7.5 CGPA की बाध्यता खत्म करने, स्कूल मर्जर बंद करने, सभी रिक्त पदों पर स्थायी बहाली सुनिश्चित करने, ठेका-पट्टा पर बहाली बंद करने और 70वीं BPSC को रद्द करने की मांग उठाई जाएगी।
छात्र नेताओं ने कहा कि NEP 2020 और कॉमन यूनिवर्सिटी एक्ट के जरिए सार्वजनिक शिक्षा और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कमजोर किया जा रहा है। दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और कमजोर शैक्षणिक व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर गरीब और मेहनतकश परिवारों के बच्चों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि BPSC, BSSC, BPSSC सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही का सवाल लगातार सामने आ रहा है। लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा व्यवस्था की गड़बड़ियों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। यह लड़ाई केवल किसी एक परीक्षा या भर्ती की नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य, सम्मानजनक रोजगार और अधिकार की लड़ाई है।
‘शिक्षा सुधारो और स्कूल-कॉलेजों को ठीक करो’ का सवाल अब बिहार के हर हिस्से में उठ रहा है। Gen-Z के साथ Gen-Alpha भी सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था की कुव्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। AISA और RYA का ‘Gen-Z Rising : बिहार चैप्टर’ राज्य के विभिन्न जिलों तक पहुंच रहा है। विश्वविद्यालय केंद्रों पर छात्र युवा संसद आयोजित की गई हैं तथा शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और स्कूलों की बदहाली के सवालों पर संघर्ष खड़े किए जा रहे हैं।
6 सितंबर का कार्यक्रम इन तमाम संघर्षों को एक साझा आवाज और व्यापक आंदोलनकारी ताकत में बदलने का आह्वान है। इसे 4 विभिन्न सत्रों में करने की योजना है। यह कार्यक्रम पटना के एस के मेमोरियल हॉल में आयोजित की जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में AISA के महासचिव कॉमरेड प्रसेनजीत, राज्य अध्यक्ष धनंजय, राज्य सचिव दीपांकर मिश्रा और राज्य उपाध्यक्ष सबा आफरीन ने कार्यक्रम की जानकारी दी और बिहार के छात्र-युवाओं से 6 सितंबर को बड़ी संख्या में पटना पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार के हर जिले की आवाज को पटना में एक बड़ी आवाज बनाना है और शिक्षा, रोजगार तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई को नई गति और नई ऊंचाई देनी है।
