बिहार

“खत्म हुई अब दु:ख की घड़ियां जोड़ेंगे सब टूटी कड़ियां”

खग़ौल, अजीत। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय भारत रंग महोत्सव की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जन भारत रंग कार्यक्रम का आयोजन किया बुधवार को किया गया। जिसके तहत एकजुट सांस्कृतिक समिति की ओर से अमन कुमार के निर्देशन में नाटक “लो आई वापस सोने की चिड़िया” नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन बुधवार 21 फरवरी को में किया गया। इसके लेखक ललित प्रकाश थे।

“खत्म हुई अब दु:ख की घड़ियां, जोड़ेंगे सब टूटी कड़ियां” नाट्य गीत के साथ शुरू हुई इस प्रभावी प्रस्तुति के माध्यम से कलाकारों ने यह सम्प्रेषित किया कि अगर व्यक्ति अपने आचरण को संवार लेगा तो वह दिन दूर नहीं जब भारत दुबारा विश्व गुरु बन जाएगा और इसे लोग सोने की चिड़िया कहने लगेंगे। इसमें दहेज, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, भेदभाव आदि से मुक्ति का मार्ग दिखाया गया। शिक्षा और महिला सशक्तिकरण का भी संदेश दिया गया। इसके साथ ही पंचम वेद नाट्यशास्त्र के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस संगीतमय प्रस्तुति में सूत्रधार की भूमिका रजनीकांत,महिला की पूजा कुमारी , आदमी एक की रोहन राज और आदमी दो की प्रशांत कुमार ने अदा की, जबकि ढोलक वादन रंजीत दास ने किया।

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