बिहार

नम आंखों से मां की विदाई : बड़ी देवी और छोटी देवी के खोइछा मिलन, जुटा श्रद्धालुओं का भीड़

पटनासिटी(रॉबिन राज, न्यूज़ क्राइम 24): कोरोना के लंबे समय के बाद नवरात्र के दसवीं के दिन राज्य भर में नम आंखों से मां की विदाई की जा रही है. वहीं एक बार फिर से ऐतिहासिक खोइछा मिलन समारोह सम्पन्न हुआ. हजारों की संख्या में श्रद्धालु खोइछा मिलन में जुटे रहे.

शुक्रवार की रात बेलवरगंज में मारूफगंज की श्री बड़ी देवी जी और छोटी बहन महाराजगंज की छोटी देवी जी का खोइछा मिलन हुआ. इस दृश्य को देखने के लिए सड़कें लोगों से पटी हुई थी. हजारों भक्तों की भीड़, मईया के जयकारे और शंख मृदंग की ध्वनि के साथ मंत्रोच्चार पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया. इससे पहले मिलन स्थल पर छोटी बहन अपनी बड़ी बहन का इंतजार करती रही, मारूफगंज की देवीजी जैसे ही पहुंची, जहां लोग जयकारा लगाने लगे, खोइछा मिलन के बाद बड़ी बहन भद्र घाट के लिये आगे बढ़ी. उनके पीछे पीछे उनकी छोटी बहन महाराजगंज छोटी देवी को ले जाया गया. इस अवसर पर श्रद्धालुओं के आस्था उन का उत्साह देखते बन रहा था. वहीं कोरोना को ध्यान में रखते हुए लगातार सैनिटाइजेशन किया जा रहा था. इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस की भी तैनाती की गई थी.

फूल और चावल की बरसात-

वर्षों से चली आ रही खोइछा मिलन की परम्परा को बरकरार रखते हुए मिलन स्थल के पास फूल और चावल की बरसात होने लगी. इस दौरान श्रद्धालुओं के जय माता दी के जयकारों से इलाका गूंज उठा. मां की मिलन को देख श्रद्धालुओं की आंखे नम हो गई.

खोइछा की अदला-बदली होती है-

मान्यता है कि मारूफगंज स्थित बड़ी देवी बड़ी बहन हैं जबकि महाराजगंज देवी छोटी बहन हैं. विजयदशमी के दिन बेलवरगंज में मारूफ गंज देवी और महाराजगंज देवी का खोइछा मिलन होता है, यहां पर दोनों देवियां जुटती हैं उनके खोइछा की अदला-बदली होती है. यह दृश्य अत्यंत ही अलौकिक होता है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।

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