भोजपुर, (न्यूज़ क्राइम 24) राजकीय शाहिद स्मारक विकास समिति सह शोध संस्थान लसाढी अगिआंव एवं संत रविदास जनसेवा संगठन भोजपुर के संयुक्त तत्वाधान में ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती स्मारक पुस्तकालय भवन के सभागार में राजकीय शाहिद दिवस के पूर्व संध्या एवं हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। सभा का अध्यक्षता ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती स्मारक पुस्तकालय के सचिव तारकेश्वर ठाकुर अधिवक्ता ने किया एवं मंच संचालन एवं अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक अमरदीप कुमार जय ने किया l
आजादी का असली मतलब पर विचार गोष्ठी सह परिचर्चा का आयोजन बाद काव्यपाठ का कार्यक्रम हुआ जिसमें मुख्य अतिथि सह पूर्व एसीएमओ डॉ केएन सिन्हा फिजिशियन रहे जिन्होंने मौजूद उपस्थित लोगों का स्वास्थ्य चेकप करते हुए जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क दवा दिया l
उक्त कार्यक्रम में रमेश सिंह रामप्रपन्न ने कहां की हिन्दी दिवस सभी को एक संदेश देता हैं कि हर हिन्दुस्तानी के हृदय में हिंदी हमे प्यार, सम्मान, स्वाभिमान सिखाने के साथ भारत को एकसूत्र में बांधने का कार्य करती हैं शाहिद दिवस अगस्त क्रांति के साथ वीर सपूतों की शहादत को नमन करते हुए प्रेरणा लेने की जरूरत हैं l
अगस्त क्रांति 1942 आंदोलन में शहीद हुए स्वतंत्रता सेनानी रामानुज पांडेय के प्रपौत्र अरुण पांडेय ने पुष्पांजलि करके नमन करके उनकी वीरता का बखान किया l
मुक्तेश्वर उपाध्याय ने कहां की आजादी का सद्योपयोग करना प्रत्येक भारतवासी का धर्म हैं l
राजेंद्र पुष्कर ने कहां की जैसे तिरंगा, राष्ट्रगान, भारत का अनमोल धरोहर हैं वैसे हैं वैसे ही राष्ट्रभाषा भी हिन्दुस्तान की विरासत हैं आजादी का दुरपयोग करना राष्ट्र का अहित करने जैसा कार्य होता हैं जिससे सभी को बचना चाहिए l
आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने सभा में पहुंचकर अगस्त क्रांति के दौरान लसाढी में शहादत दिए 12शहीदों तैल्यचित्र पर पुष्पांजलि करते हुए ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया ।
प्रो रवींद्र राय ने हिंदी दिवस पर हिन्दी को भारत की आत्मा बताया l
सुरेन्द्र सिंह अंशु ने हिंदी को पढ़ने लिखने बोलने पर जोर दिया l
रामबाबू प्रसाद चौरसिया ने हिंदी को विश्वभाषा कहते हुए हिंदी को भारत का गौरव बताता l
यादव रामसकल भोजपुरिया ने शहीदों और उनके बुजुर्ग वंशजों एवं परिजनों का सम्मान करने पर जोर दिया l
शशिकांत तिवारी ने हिंदी को हिन्दुस्तान का गौरव कहा साथ ही साथ हिन्दी विषय पर और अधिक अध्ययन करने पर जोर दिया l
अशोक कुमार चौधरी शहीदों को महान विभूति बताया l
डॉ के एन सिन्हा ने हिंदी को हिंद का मणि भूषण बताया एवं शहीदों की शहादत को भारतवाशियो के लिए प्रेरणा पुंज बताया l
अंत में अध्यक्षीय संबोधन करते हुए तारकेश्वर ठाकुर अधिवक्ता ने हिंदी दिवस पर अपने सभी काम हिंदी मे करने का संकल्प लिया और सभा में मौजूद सभी लोगों को संकल्प दिलाते हुए आजादी के सभी दिवाने 1942 अगस्त क्रांति आंदोलन के दौरान लसाढी अगिआंव में 12 शहीदों को नमन करते हुए उनके तैल्यचित्र पर पुष्पांजलि करके नमन करते हुए स्वामी सहजानंद सरस्वती के अग्रज सहयोगी शहीद स्वतंत्रता सेनानी रामानुज पांडेय चासी के प्रपौत्र अरुण पांडेय शिक्षक का विशेष रूप से अभिवादन करते हुए विचार गोष्ठी सह परिचर्या को आगे हिंदी को विश्व का महान भाषा बताते हुए शहीदों की शहादत को आगामी आने वाली हमारी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस अवसर पर उदय कुमार, राजेंद्रनाथ पांडेय, राजू कुमार, मनकेश कुमार, मनु कुमार, नीरज कुमार, चितरंजन कुमार, रोहित कुमार, लालदेव कुमार, निखिल कुमार यादव, सियाराम कुम्हार, सत्यम कुमार, राधाकांत पांडेय, शशिकांत उर्फ छोटू, राजकुमार यादव आदि उपस्थित व्यक्तियों ने आजादी का असली मतलब परिचर्चा में अपना विचार व्यक्त करते हुए शहीदों के तैल्यचित्र पर पुष्पांजलि किए l
