बिहार

आरोग्य दिवस की मदद से हासिल हो सकता है स्वास्थ्य व पोषण संबंधी कई महत्वपूर्ण आयाम

अररिया(रंजीत ठाकुर): जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुधवार को आरोग्य दिवस का आयोजन किया गया। समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से आरोग्य दिवस के सफल आयोजन को महत्वपूर्ण माना जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित होने वाले आरोग्य दिवस पर योग्य दंपति, गर्भवती व धात्री महिलाएं, क्षेत्र की किशोरी व 0 से 5 साल तक के बच्चों को लक्षित लाभार्थी को चिह्नित करते हुए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। आरोग्य दिवस का आयोजन नियमित टीकाकरण को बढ़ावा देने, एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वहीं परिवार नियोजन संबंधी विभिन्न स्थायी व अस्थायी साधनों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए समुदाय स्तर पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आरोग्य दिवस के सफल आयोजन को महत्वपूर्ण माना जाता है।

आरोग्य दिवस से मातृ-शिशु संबंधी स्वास्थ्य में सुधार संभव-

पीएचसी अररिया के प्रभारी डॉ जावेद आलम ने बताया कि मिशन मानव विकास के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की मदद से मातृ व शिशु मृत्यु दर के मामलों में काफी कमी आयी है। अभी इसे और बेहतर बनाने में आरोग्य दिवस महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। आरोग्य दिवस पर केंद्र पहुंचने वाली महिला पांच साल तक के बच्चों का टीकाकरण आसान हो जाता है। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा योग्य दंपतियों को प्रसव के उपरांत परिवार नियोजन के लिये उपलब्ध विभिन्न स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी देते हुए उन्हें इसके लिये प्रेरित किया गया। धात्री महिलाओं को भी दो बच्चों के बीच अंतर रखने के लिये प्रेरित किया गया। वहीं केंद्रों पर कोरोना टीकाकरण का पूर्व व्यवस्था होने के कारण बड़ी संख्या में योग्य लाभुकों का टीकाकरण संभव हो सका। साथ ही संक्रमण से बचाव संबंधी उपायों के प्रति उन्हें जागरूक किया गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का जरिया है आरोग्य दिवस-

सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि आरोग्य दिवस एक महत्वपूर्ण मंच है। स्वास्थ्य विभाग व आईसीडीएस के सहयोग से इससे टीकाकरण के आच्छादन मामलों में अपेक्षित सुधार हुआ है। आरोग्य दिवस को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिये एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संबंधित क्षेत्र की जीविका, गांव के व्यस्क व बुजुर्गों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बेहतर आपसी समन्वय का होना जरूरी है। एक दूसरे के सहभागी बनकर सेवा भाव व लगन से किये गये सामुहिक प्रयास से आरोग्य दिवस के माध्यम से स्वास्थ्य व पोषण संबंधी कई महत्वपूर्ण आयाम आसानी से हासिल किये जा सकते हैं।

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