शेखपुरा, उमेश कुमार : जिले के किसानों को खरीफ फसल और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से आज संयुक्त कृषि भवन, शेखपुरा में जिला स्तरीय ‘प्रशिक्षण सह कार्यशाला खरीफ महाअभियान 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी ने उन्हें ‘जल-जीवन-हरियाली’ के प्रतीक स्वरूप पौधा भेंट किया।
किसान पंजीकरण अनिवार्य
अपर समाहर्ता ने सभी किसानों से अनिवार्य रूप से किसान पंजीकरण कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “पंजीकरण ही सरकार की कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने की पहली सीढ़ी है। इससे सहायता सीधे किसानों तक पहुंचेगी।”
नामांतरण पर जोर
कार्यशाला में भूमि सुधार पर विशेष चर्चा हुई। अपर समाहर्ता ने निर्देश दिया कि जिन किसानों की जमीन दादा-परदादा के नाम पर है, वे तुरंत अपने नाम मोटेशन कराएं। इसके लिए सरपंच से वंशावली लेकर, खाता-खसरा के कागजात के साथ ऑनलाइन आवेदन कर अंचलाधिकारी से रसीद कटवाएं। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड दुरुस्त रहने से योजनाओं और लोन में दिक्कत नहीं होगी।
उन्नत बीज की उपलब्धता
किसानों को बताया गया कि खरीफ सीजन के लिए शंकर धान और शंकर मक्का के उन्नत बीज जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक शस्य, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, किसान समन्वयक समेत कई प्रगतिशील किसान मौजूद थे।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ बुआई के लिए तैयार कर सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाना है।
