अररिया, रंजीत ठाकुर : जिला एड्स बचाव व नियंत्रण इकाई द्वारा जिले के चिह्नित क्षेत्रों में समेकित स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन को लेकर आवश्यक तैयारी को लेकर संयुक्त कार्यकारी समूह की बैठक शनिवार को आयोजित की गयी। सिविल सर्जन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गयी। शिविर की सफलता को लेकर संबंधित विभिन्न विभागों के बीच बेहतर आपसी समन्वय स्थापित करते हुए आयोजित शिविर में अधिक से अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित किये जाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में सीडीओ सह जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ मोईज, एनसीडीओ डॉ राजेंद्र कुमार, डीपीएम संतोष कुमार, जिला एड्स नियंत्रण व बचाव इकाई के डीपीएम अखिलेश कुमाार सिंह, डीपीसी राकेश कुमार, डीसीएम सौरव कुमार, जीविका, एनयूएलएम, एनएसीपी केंद्रों के परामर्शी सहित संबंधित अधिकारी व कर्मियों ने भाग लिया।
चिह्नित पंचायत व हॉटस्पॉट इलाकों में शिविर आयोजित
संयुक्त कार्यकारी समूह की बैठक में सीडीओ सह जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ मोईज ने उपस्थित सभी अधिकारी व कर्मियों को डीएपीसीयू द्वारा आयोजित समेकित स्वास्थ्य शिविर के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चिह्नित पंचायत व हॉट स्पॉट इलाके में समेकित स्वास्थ्य शिविर का आयोजित किया जायेगा। इसमें एचआईवी के साथ-साथ हेपेटाइटिस बी-सी, टीबी, कालाजार, हीमोग्लोबीन, डायबिटीज सहित अन्य जांच की सुविधा लोगों को उपलब्ध कराई जायेगी।
शुरूआती जांच कर रोग का शीघ्र पता लगाना उद्देश्य
जिला एड्स नियंत्रण व बचाव इकाई के डीपीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि आयोजित होने वाले शिविर की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की उन्होंने बताया कि समेकित स्वास्थ्य शिविर का मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर लोगों को शुरूआती जांच की सुविधा उपलब्ध कराते हुए रोगों का शीघ्र पता लगाना व समय पर उपचार सुनिश्चित कराना है। बैठक में शिविर के आयोजन को लेकर शिविर के आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण स्थलों के चयन पर विचार किया गया।
बेहतर आपसी समन्वय से शिविर की सफलता करें सुनिश्चित
सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने समेकित स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन को लेकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये। उन्होंने शिविर की सफलता को लेकर संबंधित विभिन्न विभागों के बीच बेहतर आपसी समन्वय स्थापित करते हुए व्यापक पैमाने पर इसका प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। ताकि आयोजित शिविर का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
