अररिया, रंजीत ठाकुर। बथनाहा स्थित कोशी कर्मशाला में करोड़ो का लोह अयस्क पड़े पड़े जंक खाकर कबाड़ में तब्दील हो गया है। कोशी कर्मशाला का स्थापना 1960 के दशक में कोशी बैरेज के निर्माण काल में ही किया गया था । कोशी प्रोजेक्ट का काम बंद होने के बाद बथनाहा स्थित कोशी कर्मशाला में कार,ट्रक ,ट्रैक्टर ,स्कूल बस ,सीमेंट मिक्स मशीन तथा अन्य लोह अयस्क पड़ा पड़ा जंक खाकर अब कबाड़ हो चुका है।
लोह अयस्क जंक खाकर सड़ने के कारण सारा उपकरण अब किसी काम का नहीं रह गया है। वहीं इस कोशी कर्मशाला में कार्य करने वाले कर्मी सालदर साल सेवानिवृत्त होते चले गए तथा कर्मी की कमी के कारण अब इस कर्मशाला का देखभाल अब भगवान भरेशे है । चुकी सेवानिवृत्त होने के बाद इस कर्मशाला में पुनः किसी की नियुक्ति नहीं हुई है जिसका लाभ उठाकर चोरों ने यहां पड़े लोह अयस्क को अपना शिकार बनाया तथा अब शेष बचे लोह अयस्क पर उन लोगों की गिद्ध दृष्टि पड़ी हुई है।
एक सेवानिवृत्त कोशी कर्मी की माने तो इस कर्मशाला के इस भंडारगृह में रखे लाखों की कीमती पीतल,तांबा निर्मित धातु तथा आवश्यक लोह अयस्क की चोरी पहले ही हो चुकी है। उन्होंने बताया कि रख रखाव तथा निगरानी के अभाव में करोड़ो मूल्य के लोह अयस्क की चोरी चोरों के द्वारा अबतक किया जा चुका है। वहीं कोशी विभाग के अभियंता के द्वारा पूर्व में उच्च पदाधिकारियों को लोह अयस्क की नीलामी कर बेचने का प्रस्ताव भेजा गया है । लेकिन कोशी विभाग के उच्चाधिकारियों की लेट लतीफी के कारण अब कोशी कर्मशाला में शेष बचे लोह अयस्क भी चोरी होने का संशय बना हुआ है। हालत यह है कि अब कोशी कर्मशाला के कार्यालय का खिड़की ,मुख्य दरवाजा तक चोरों ने चोरी कर लिया है जिस कारण विभागीय अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अब सुरक्षित नहीं है।
