बिहार

बैंकिंग योजनाओं में तेजी लाकर पात्र लाभुकों को ससमय ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) जिलाधिकारी कुन्दन कुमार के निर्देश पर उप विकास आयुक्त शुभम कुमार ने समाहरणालय स्थित सभागार में जिला परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की संयुक्त बैठक में बैकों के कार्यों की समीक्षा की. बैठक में जिले में बैंकों के माध्यम से संचालित विभिन्न ऋण एवं वित्तीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी.। बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री अभिषेक सहित जिले के विभिन्न 34 बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित थे।

बैठक में ऋण वितरण, ऋण वसूली, सीडी रेशियो, कृषि एवं पशुपालन ऋण, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम सूर्य घर योजना, जीविका के बैंक खाते, पीएमईजीपी एवं पीएमएफएमई सहित विभिन्न योजनाओं की बैंकवार समीक्षा की गई।

ऋण नहीं चुकाने वाले विल फुल डिफॉल्टरों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश

उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि 25 लाख रुपये से अधिक का ऋण लेकर जानबूझकर ऋण की राशि वापस नहीं करने वाले डिफॉल्टरों की सूची सभी बैंक जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। सूची प्राप्त होने के बाद ऐसे मामलों में नीलाम पत्र वाद के माध्यम से ऋण वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रकार प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत डिफॉल्टर लाभुकों की सूची भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई की जा सके।

पशुपालन ऋण के लंबित आवेदनों का शीघ्र करें निष्पादन

पशुपालन विभाग द्वारा ऋण के लिए अग्रसारित आवेदनों पर सभी बैंकों को तत्परता से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि पात्र किसानों को ऋण प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब न हो। प्रत्येक 15 दिन पर बैंक एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित कर बैंकवार लंबित आवेदनों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया, ताकि अधिक से अधिक किसानों को पशुपालन गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा सके।

सीडी रेशियो बढ़ाने पर विशेष जोर

बैठक में बैंकों के कैश डिपॉजिट रेशियो (सीडी रेशियो) की भी समीक्षा की गई। पाया गया कि पटना जिले का सीडी रेशियो 50.04 प्रतिशत है, जबकि बिहार राज्य का औसत लगभग 58 प्रतिशत है। आदर्श स्थिति में इसे 70 प्रतिशत तक होना चाहिए। उप विकास आयुक्त ने सभी बैंकों को सीडी रेशियो में वृद्धि लाने के लिए ठोस प्रयास करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि बैंकों में जमा राशि का अधिकाधिक उपयोग ऋण वितरण में होने से किसानों, उद्यमियों, युवाओं एवं अन्य जरूरतमंद लोगों को आर्थिक गतिविधियों के लिए पूंजी उपलब्ध होगी। इससे रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा परिवार और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

समीक्षा में भारतीय स्टेट बैंक का सीडी रेशियो अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर इसमें सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया गया।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र लोगों को ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि छोटे उद्यम, स्वरोजगार एवं स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक युवाओं और उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध होने से जिले में स्टार्टअप एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

एसीपी 2026-27 में 1.19 लाख करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य

बैठक में वार्षिक साख योजना (Annual Credit Plan) 2026-27 की भी समीक्षा की गई। जिले के लिए वर्ष 2026-27 में लगभग 1.19 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित है। प्रथम तिमाही में बैंकों की उपलब्धि संतोषजनक पाई गई। हालांकि, निजी बैंकों को अपनी उपलब्धि में और सुधार लाने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिकाधिक पात्र लाभुकों को ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

पीएम सूर्य घर योजना में ऋण उपलब्ध कराने में हो सहूलियत

पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि गैर-बीपीएल परिवारों को तीन किलोवाट तक का सोलर प्लांट लगाने के लिए इस योजना के अंतर्गत ऋण उपलब्ध कराने में सिविल स्कोर की जांच की आवश्यकता नहीं है। बैंकों को निर्देश दिया गया कि योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले पात्र लाभुकों को अनावश्यक कठिनाई न हो तथा उन्हें सहज एवं त्वरित तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाए।

जीविका के बैंक खाते खोलने में तेजी लाएं बैंक

बैठक में जीविका के बैंक खाते खोले जाने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिले की 309 पंचायतों में बैंक सखी के माध्यम से जीविका के खाते खोले जाने हैं। वर्षभर में लगभग 14,000 जीविका के खाते खोलने का लक्ष्य निर्धारित है। बैंकों को बैंक सखी के माध्यम से खाता खोलने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

पीएमईजीपी एवं पीएमएफएमई के तहत पात्र लाभुकों को मिले ऋण

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) के तहत प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने बैंकों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों के ऋण आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करते हुए उन्हें समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योग्य लाभुक ऋण से वंचित नहीं रहने चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में सीएसपी एवं बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर जोर

बैठक में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) एवं बैंक कोऑर्डिनेटर के लिए महिलाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होने के साथ-साथ महिलाओं के लिए रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ें।

जिले में वर्तमान में 34 बैंक कार्यरत हैं, जिनकी कुल 1011 शाखाएं हैं। बैठक में सभी बैंकों को निर्देश दिया गया कि वे अपनी शाखाओं एवं बैंकिंग नेटवर्क के माध्यम से सरकार की विभिन्न ऋण योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाएं तथा ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध बनाएं।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि बैंकों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से ही ऋण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है। बैंकों को निर्देश दिया गया कि वे पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऋण वसूली एवं लंबित मामलों के निष्पादन पर भी समान रूप से ध्यान दें, ताकि जिले में कृषि, उद्योग, स्वरोजगार एवं उद्यमिता को गति मिल सके।

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