गौशाला का किया निरीक्षण, जैविक खाद बनाने के दिए टिप्स

बलिया(संजय कुमार तिवारी): जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने शनिवार को मनियर ब्लॉक के स्थाई गो-आश्रय स्थल जिगिरसड़ का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ठंढ़ के मौसम को देखते हुए पशुओं की देखरेख विशेष रूप से की जाए। उनके चारे की पर्याप्त व्यवस्था रहे। वहां वर्मी कम्पोस्ट पिट के संचालन के सम्बन्ध में भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पशुओं की सेवा दायित्व के साथ पुनीत का भी काम है, लिहाजा यहां जो भी कर्मी है पूरी तन्मयता के साथ उनकी सेवा करें। चारा व वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने में लगे सफाईकर्मियों को जैविक खाद बनाने के जरूरी टिप्स दिए। कहा, इसके माध्यम से गोबर का सबसे बेहतर प्रयोग होगा और उसकी विक्री कर उनके देखरेख की और बेहतर व्यवस्था की जा सकेगी। वर्मी कम्पोस्ट यूनिट के संबंध में भी जरूरी बातें बताई। भूमि संरक्षण अधिकारी संतोष यादव को मौके पर भेजकर सभी कर्मियों को वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए ट्रेंड करने को कहा। पशुओं के पेयजल के लिए बनाए गए पक्के हौद में हर तीन-चार दिन पर पानी बदलते रहने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं की संख्या व उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और सभी पशुओं का हाल जाना। व्यवस्था पर उन्होंने संतोष भी जताया। गौशाला के बगल में खाली पड़ी ग्राम समाज की जमीन में बाउंड्री बनवाने के लिए इस्टीमेट बनाने का निर्देश बीडीओ रमेश यादव को दिए। कहा, इस बाउंड्री के हो जाने से पशुओं के घूमने व चरने की अच्छी खासी व्यवस्था हो जाएगी। साथ यह एरिया भी सुरक्षित हो जाएगा.

सामुदायिक शौचालय व पानी टंकी देखी-

जिगिरसड़ में बने सामुदायिक शौचालय व संचालित पानी टंका का भी निरीक्षण जिलाधिकारी ने किया। कहा कि शौचालय अभी नया और बहुत ही बेहतरीन बना है। इसकी देखरेख हो और आगे भी ऐसा ही बना रहे। वहीं पानी टंकी व गांव में कनेक्शन के बारे में जानकारी ली। पम्प को चलवाकर देखा तो पाया कि पाईप में लिकेज होने से काफी पानी बाहर गिर रहा है। उसे शीघ्र कराने के निर्देश पंचायत सचिव को दिए। इस दौरान सीवीओ डॉ अशोक मिश्र, बीडीओ रमेश यादव आदि थे.

निर्माण कार्य में खराब मैटेरियल के प्रयोग पर हुए नाराज-

बलियाः मनियर ब्लॉक के जिगिरसड़ में एएनएम सेंटर के पास बन रहे कक्ष में खराब मैटेरियल के प्रयोग पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सम्बन्धित जेई को जमकर फटकार लगाई और तत्काल मौके पर आकर ईंट व अन्य खराब मैटेरियल को हटवाने के निर्देश दिए। चेताया कि अगर सुधार नहीं हुआ तो मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिए जाएंगे। सबसे बड़ी बात कि निर्माण कार्य के बारे में वहां लेबरों के साथ आसपास के लोगों तक को जानकारी नहीं थी कि क्या बन रहा है और कौन बनवा रहा है। काफी प्रयास के बाद जेई पैक्सपेड का सम्पर्क नम्बर मिला तो जिलाधिकारी ने फोन लगाकर कड़ी पूछताछ की। चेतावनी देते हुए कहा, खराब गुणवत्ता पर जेल तक जा सकते हैं। इसलिए कार्य पर नजर रखें और हर हाल में सही सामग्री काइ ही प्रयोग सुनिश्चित कराएं। वहां एएनएम सेंटर की रंगाई-पुताई आपरेशन कायाकल्प से हुई थी।