बिहार

अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करोड़ों के बने अर्धनिर्मित भवन बना मवेशी घर

अररिया, रंजीत ठाकुर। अररिया जिले के नवाबगंज पंचायत में 1955 के दशक में बने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज के परिसर में वर्ष 2009-10 में सरकार के योजना से करोड़ों की लागत से छः बेड का भवन निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था। बर्ष 2011 में छत बना कर भवन अधूरा छोड़ संवेदक फरार हो गया । जिसको लेकर कई बार समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं क्षेत्र के वर्तमान विधायक, सांसद को भवन के संबंध में स्थानीय लोगों के द्वारा दर्जनों बार ध्यान आकृष्ट कराया गया है। परंतु किसी ने ध्यान देने की जहमत नहीं की है। स्थानीय लोग बताते हैं यह अस्पताल राजनीतिज्ञों का भेंट चढ़ गया है। कोई जनप्रतिनिधि नहीं चाहते हैं क्षेत्र में विकास हो।

कब और किसके समय भवन निर्माण कार्य हुआ था शुरू:-

नरपतगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक जनार्दन यादव के कार्यकाल में भवन निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था एवं पूर्व विधायक देवयंती यादव के कार्यकाल में संवेदक कार्य छोड़ फरार हो गया। बताते चलें कि कई पंचायतों के लिए यह अस्पताल संजीवनी की तरह माना गया है। पांच पंचायतों के बीच बने यह अस्पताल क्षेत्र की आवादी लगभग पांच लाख की है। प्रत्येक दिन सैकड़ों मरीज करवाते हैं अपना इलाज, महिलाओं के प्रसव के लिए एक मात्र अस्पताल है। जबकि दो सौ मीटर की दूरी पर पुलिस थाना है।इसके बाबजूद भी 15 बर्षों में भवन का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होना कहीं न कहीं बड़ी भ्र्ष्टाचार को दर्शाता है। बताते चलेंगे बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को भी स्थानीय लोगों के द्वारा अधूरे भवन के संबंध में ध्यान आकृष्ट कराया गया था परंतु उसने भी ध्यान नहीं दिया है।

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क्या कहते हैं नरपतगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयप्रकाश यादव :-

इस बाबत विधायक जय प्रकाश यादव ने कहा ठेकेदार कार्य छोड़कर फरार हो गया है। नए सिरे से नया टेंडर करने हेतु विभाग को लिखित दिया गया है। जल्द से जल्द टेंडर के बाद कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

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