बिहार

फर्जी फ्लैट रजिस्ट्री मामले में पूर्व डीसीएलआर के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच के आदेश

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पटना के तत्कालीन डीसीएलआर सुश्री मैत्री सिंह के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की जांच के लिए समाहर्ता पटना को पुनः निर्देश जारी किया है. परिवाद पत्र में शिकायतकर्ता नागेश्वर सिंह स्वराज ने आरोप लगाया है कि मैत्री सिंह ने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए एकतापुरम, पटना स्थित फ्लैट नंबर A-1/603 को फर्जी तरीके से अपने ममेरे भाई कान्तेश रंजन सिंह के नाम करवा कर बाद में अपने पिता लाल नारायण सिंह के नाम रजिस्ट्री करवा दी. जबकि दस्तावेजों के अनुसार इस फ्लैट के असली मालिक नागेश्वर सिंह स्वराज हैं जो ज्यादातर बिहार से बाहर रहते हैं.

शिकायत में यह भी आरोप है कि मैत्री सिंह ने भोगीपुर गांव, गोपालपुर थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अपने मामा सुधीर सिंह, समीर रंजन सिंह, ममेरे भाई कान्तेश रंजन सिंह, नाना राम नरेश सिंह समेत अन्य के माध्यम से कब्जा करवा दिया है. इनमें से कई आरोपी एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न आपराधिक मामलों में न्यायालय से जमानत पर हैं.

इस मामले में 21 मार्च और 21 मई 2025 को पहले भी जांच का निर्देश दिया गया था, परंतु प्रतिवेदन अब तक अप्राप्त है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव जय सिंह ने 16 जुलाई 2025 को पुनः पत्र भेजकर उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर जांच प्रतिवेदन शीघ्र विभाग को उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई हो सके.

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