बिहार

डायल-112 के सफल चार वर्ष पूरे, बिहार में 60 लाख से अधिक लोगों को मिली आपात सहायता

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार की आपात अनुक्रिया सहयोग प्रणाली (ERSS) डायल-112 ने अपने सफल संचालन के चार वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में सहित पुलिस मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान पुलिस महानिदेशक ने डायल-112 की औसत 10 मिनट की रिस्पॉन्स टाइम उपलब्धि की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को बधाई दी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी एवं वितंतु सेवाएं) ने डायल-112 की चार वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य में इसे नेक्स्ट जेनरेशन इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (NGERSS) के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना की जानकारी दी।

बिहार में आपातकालीन सेवाओं के लिए विकसित डायल-112 के माध्यम से अब तक 60 लाख से अधिक नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। इस सेवा के जरिए पुलिस, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, हाईवे पेट्रोलिंग, महिला एवं बाल हेल्पलाइन, डिजास्टर सहित अन्य आपात सेवाएं राज्य के किसी भी हिस्से में उपलब्ध कराई जाती हैं। नागरिक 112 नंबर, 112 इंडिया ऐप के एसओएस फीचर, एसएमएस और वेब पोर्टल के माध्यम से इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

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वर्तमान में राज्यभर में 1,833 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (1,283 चारपहिया एवं 550 दोपहिया) संचालित हैं, जो औसतन 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। प्रतिदिन औसतन 7,500 लोगों को आपात सेवाएं मिल रही हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाती है। डायल-112 के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में सभी कॉल टेकर्स प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी हैं।

आंकड़ों के अनुसार, अब तक घरेलू हिंसा, महिला अपराध एवं बच्चों से जुड़े 5.29 लाख से अधिक मामलों, स्थानीय विवाद एवं मारपीट के 35.32 लाख से अधिक मामलों, सड़क दुर्घटनाओं के 2.73 लाख से अधिक मामलों तथा आग लगने की 1.49 लाख से अधिक घटनाओं में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 15.15 लाख से अधिक अन्य मामलों में भी लोगों की मदद की गई।

महिला सुरक्षा को लेकर सितंबर 2024 में शुरू की गई ‘सुरक्षित सफर’ सुविधा के तहत अब तक 224 से अधिक महिलाओं को सुरक्षित यात्रा में सहायता दी जा चुकी है। भविष्य में महिलाओं के लिए वन-क्लिक एसओएस ऐप, ओला-उबर सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के साथ एकीकरण, एआई आधारित क्राइम हॉटस्पॉट विश्लेषण, बॉडी वॉर्न कैमरा, डैश कैमरा, स्मार्ट सिटी इमरजेंसी कॉल बॉक्स, मिरर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर तथा NGERSS प्रणाली लागू करने की योजना है, जिससे आपात सेवाओं को और अधिक तेज, आधुनिक एवं पारदर्शी बनाया जा सके। पुलिस मुख्यालय ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 का उपयोग करें। यह सेवा राज्यभर में पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।

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