बिहार

नगर निकायों में ₹15 लाख तक के कार्यों पर लगी रोक हटाने की मांग

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) पटना नगर निगम के पार्षदों के एक शिष्टमंडल ने कुम्हरार विधायक संजय गुप्ता के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर नगर विकास एवं आवास विभाग के 25 फरवरी 2026 को जारी विभागीय आदेश (ज्ञापांक-2390) को निरस्त करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा।

पार्षदों ने कहा कि नए विभागीय आदेश के कारण नगर निकायों में छोटे एवं अत्यावश्यक विकास कार्यों के निष्पादन में गंभीर व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पहले 20 नवंबर 2014 के सरकारी संकल्प और 24 अगस्त 2023 के विभागीय आदेश के तहत 15 लाख रुपये तक की योजनाओं का क्रियान्वयन विभागीय स्तर अथवा ऑफ-टेंडर के माध्यम से किया जाता था, जिससे आवश्यक कार्य समय पर पूरे हो जाते थे।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में छोटे कार्यों के लिए भी ई-टेंडर अनिवार्य होने से जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत, क्षतिग्रस्त नालों का सुधार, मैनहोल एवं कैचपिट की मरम्मत, ढक्कनों के प्रतिस्थापन सहित अन्य जरूरी नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है। इसका सीधा असर आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं और नगर निकायों की कार्यक्षमता पर पड़ रहा है।

पार्षदों ने मुख्यमंत्री से जनहित एवं नगर निकायों की स्वायत्तता को ध्यान में रखते हुए विभागीय आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की, ताकि पूर्व की तरह आवश्यक एवं आकस्मिक विकास कार्यों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए पूरे मामले की शीघ्र समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिष्टमंडल में पूर्व उपमहापौर सह वार्ड-28 के पार्षद विनय कुमार पप्पू, डॉ. आशीष सिन्हा, पिंकी यादव, संजीव आनंद ‘संजु’, राहुल यादव, प्रभा देवी, अंजली राय, सीमा वर्मा एवं अनिता देवी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक-दो दिनों के भीतर सकारात्मक निर्णय आने की संभावना जताई जा रही है।

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