पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बापू टावर और सिने सोसाइटी पटना के संयुक्त तत्वावधान में कोरोनाकाल की पृष्ठभूमि पर आधारित भोजपुरी फीचर फिल्म बोध का विशेष प्रदर्शन आयोजित किया गया। समारोह का उद्घाटन करते हुए बापू टावर के निदेशक विनय कुमार ने कहा कि इस संस्था का उद्देश्य बिहार की कला-संस्कृति, धरोहर, इतिहास को बढ़ावा देना है और इसी उद्देश्य से इस फिल्म का यहां प्रदर्शन किया जा रहा है। इस अवसर पर सिने सोसाइटी पटना के अध्यक्ष आरएन दास ने कहा कि हम सबके लिए गर्व की बात है कि सिने सोसाइटी पटना के सदस्य फिल्म रसास्वादन कराने के अलावा फ़िल्म निर्माण में भी सक्रिय हैं। फिल्म प्रदर्शन के पूर्व इस फिल्म के लेखक, निर्माता और निर्देशक प्रशांत रंजन ने सभी कलाकारों का दर्शकों से परिचय कराया और बताया कि इस फिल्म की पूरी निर्माण प्रक्रिया पटना शहर में ही संपन्न हुई है और इसे अब तक शिमला, लुधियाना, रांची, जमशेदपुर, गोरखपुर समेत भारत के कई शहरों में सफलतापूर्वक दिखाया जा चुका है।
फिल्म प्रदर्शन के बाद जाने-माने फिल्म विश्लेषक प्रो. जय देव ने दर्शकों के साथ परिचर्चा की। परिचर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि यह फिल्म न केवल कोरोनाकाल की त्रासदी का दस्तावेजीकरण करती है, बल्कि इसने बिहार के मध्यमवर्ग परिवार के सामाजिक तानेबाने, बिहारी खान-पान, सोचने समझने के तौर-तरीकों, रिश्तों-नातों की ओर भी संकेत करती है। फिल्म के विशेष अवसर पर फिल्म के मुख्य कलाकार नीरज कृष्ण, अभिषेक तिवारी, रचना सिंह, गौतम कुमार, कुणाल रंजन, क्रिएटिव डायरेक्टर प्रशांत रवि, प्रभात रंजन शाही, अभिषेक कुमार समेत फिल्म यूनिट के अधिकतर सदस्य उपस्थित थे। इनके साथ दर्शकों ने संवाद भी किया। इस अवसर पर पद्मश्री विमल जैन, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म समीक्षक सह सेंसर बोर्ड के सदस्य विनोद अनुपम, किशोर सिन्हा, डॉ. मनीषा प्रकाश, प्रो. एनएन पांडेय, डॉ. अजफर अहमद, संजय कुंदन, शिवदयाल, समेत शहर के कई कलाकार, फिल्मकार, साहित्यकार एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
