भाजपा किसान विरोधी नीतियों के चलते किसानों की कर रही उपेक्षा : कान्ह जी

बलिया(सजंय कुमार तिवारी): जनपद में भारी बारिश से जन-धन की व्यापक क्षति हुई है। हजारों एकड़ क्षेत्र जलमग्न हो गया है। जिसमें किसानों की खड़ी फसल डूब गई है। धान, मक्का, उड़द, बाजरा व सब्जियों आदि फसलों को भारी पहुंची है। भाजपा सरकार किसानों की पीड़ा और नागरिकों की व्यथा से संवेदनहीन बनी हुई है। उक्त बातें समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने शनिवार को प्रेस को जारी अपने एक बयान में कही।
कान्हजी ने कहा कि भाजपा अपनी किसान विरोधी नीतियों के चलते किसानों की उपेक्षा और पूंजी घरानों का पोषण करती आई है। उसके सत्ता में आने के बाद से ही उसकी दशा बिगड़ती गई है। खेती के काम आने वाली हर चीज मंहगी हो गई है। किसानों को धोखा देते हुए भाजपा सरकार कभी आय दुगनी करने की बात करती है तो कभी एमएसपी का भरोसा दिलाती है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किसानों के लिए जो वायदे किए उनमें से एक को भी पूरा नहीं किया है।
किसान को राहत देने में भाजपा को कोई रूचि नहीं है। पेट्रोल-डीजल, बिजली, खाद बीज, कीटनाशक इन सबके दाम आसमान छू रहे हैं। इन सब परेशानियों से जूझ रहे किसान पर अब अतिवृ़िष्ट की मार पड़ी है।

सपा प्रवक्ता ने कहा कि जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में राहत की दिशा में सरकार द्वारा कोई कदम न उठाना चिंता का विषय है। किसान के मवेशी भी इस संकट में फंसे हैं। बरसात के साथ बीमारियों के दौर भी शुरू हो गया है। वर्षा से जलमग्न इलाकों में पानी निकालने का भी प्रबन्ध नहीं हो पा रहा है. भाजपा सरकार ने यदि बरसात से पहले ही इस पर ध्यान दिया होता तो जनता परेशानी में नहीं पड़ती। किसान की फसल का नुकसान नहीं होता। अपनी अकर्मण्यता के बाद अब सरकार को तुरन्त राहत कार्य शुरू करना चाहिए। जिन किसानों की फसल का नुकसान हुआ है उनको आपदा फसल बीमा के अन्तर्गत मदद दी जानी चाहिए.

कान्हजी ने कहा कि नगर क्षेत्र की हालत भी बद से बदतर है।अधिसंख्य कालोनियों एवं सड़कों पर जल भराव हो गया है जिससे कालोनियों के लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। तत्काल इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।