पटना, पीयूष कुमार प्रियदर्शी : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ‘बिहार गति’ के अंतर्गत चिन्हित परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में राज्य की 100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। काम में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए और नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा, बिहार ने विकास की गति पकड़ ली है, अब इसे और बढ़ाना है।
जल संसाधन : सिंचाई परियोजनाओं पर जोर
- कोसी-मेची इंटर स्टेट लिंक: मानसून समाप्त होते ही निर्माण में तेजी लाएं। सभी एजेंसियों में बेहतर समन्वय हो
- नॉर्थ कोयल जलाशय: कार्य में तेजी लाकर इसे शीघ्र पूरा करें, ताकि किसानों को सिंचाई का लाभ मिले
- मंडई वीयर: नियमित निगरानी कर तय समय में पूरा करें, जिससे जल प्रबंधन मजबूत हो
पथ निर्माण : संपर्क और उद्योग को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने तीन बड़ी सड़क परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया :
- वाराणसी-रांची-कोलकाता 6 लेन कॉरिडोर
- आमस-दरभंगा फोर लेन
- कन्हौली-शेरपुर (NH-131G) 6 लेन
उन्होंने भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और अन्य प्रशासनिक अड़चनों को शीघ्र दूर करने को कहा। सीएम ने कहा कि इनके बनने से राज्य में सड़क संपर्क मजबूत होगा, आवागमन सुगम होगा और आर्थिक-औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
स्वास्थ्य : 14 अगस्त तक टीबी मुक्त बिहार
सीएम ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। 2 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान चलाकर :
- अधिक से अधिक स्क्रीनिंग और जांच हो
- टीबी प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चले
- सभी टीबी केंद्र पूर्णतः कार्यशील हों, बंद केंद्र पुनः शुरू हों
- हर प्रखंड, पंचायत, गांव तक जागरूकता, स्वास्थ्य शिविर और मोबाइल स्क्रीनिंग
- मरीजों को समय पर उपचार, पोषण सहायता और दवा मिले
CSR से 2000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
बैठक में सीएम ने कहा कि CSR के माध्यम से 2000 करोड़ रुपये का फंड जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, खेल और महिला सशक्तिकरण में उद्योगों के साथ समन्वय कर इसे हासिल किया जाए।
बैठक में उपस्थित
प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित जल संसाधन, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, राजस्व के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।
