बिहार

करंट से लिट्टी-चोखा दुकानदार की दर्दनाक मौत, उग्र प्रदर्शन के बीच घंटों सड़क जाम

फुलवारीशरीफ, अजित। पटना एम्स के पास करंट लगने से लिट्टी-चोखा दुकानदार की दर्दनाक मौत के बाद इलाके में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला. घटना के विरोध में परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर उग्र प्रदर्शन किया और घंटों तक सड़क जाम कर दिया. इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मृतक की पहचान रवि रंजन कुमार (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से धनरूआ का रहने वाला था और एम्स के पास लिट्टी-चोखा बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था.

बताया जाता है कि मंगलवार की देर रात वह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहा था, तभी सड़क पर गिरे करंट प्रवाहित बिजली तार की चपेट में आ गया. करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिर गया था. तार में करंट प्रवाहित हो रहा था, लेकिन इसे न तो हटाया गया और न ही बिजली आपूर्ति बंद की गई. इसी लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हो गया. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते विभाग सतर्क होता, तो एक गरीब परिवार का सहारा यूं खत्म नहीं होता।

घटना के बाद जब शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया. मृतक की पत्नी, बच्चे और अन्य परिजन रो-रोकर बेसुध हो जा रहे थे. पूरे मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसर गया. परिजनों का कहना था कि रवि रंजन ही घर का इकलौता कमाने वाला था और उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। बुधवार की सुबह गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया. देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया. इस दौरान करीब एक से दो घंटे तक यातायात ठप रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि इस घटना के लिए बिजली विभाग और अतिक्रमण हटाने में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों की घोर लापरवाही जिम्मेदार है. उनका कहना था कि अतिक्रमण हटाने के दौरान ही बिजली का तार टूटकर गिरा, लेकिन उसे सुरक्षित करने या करंट बंद करने की कोई व्यवस्था नहीं की गई. यह पूरी तरह प्रशासनिक विफलता है। आक्रोशित लोगों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. लोगों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए लोगों को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. बाद में वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप और मुआवजा दिलाने के आश्वासन के बाद लोगों का गुस्सा कुछ शांत हुआ और सड़क जाम समाप्त कराया गया।

पुलिस पदाधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी. साथ ही सरकारी स्तर पर हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार विभाग समय पर सतर्क रहते, तो एक गरीब परिवार का चिराग इस तरह नहीं बुझता।

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