पटना, पीयूष कुमार प्रियदर्शी : बिहार लोक भवन में शुक्रवार को राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा में सुधार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण पर उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और उच्च शिक्षा मंत्री श्री संजय सिंह टाइगर भी मौजूद थे।
मुख्य बिंदु:
- समर्थ पोर्टल 31 दिसंबर तक पूरी तरह लागू होगा
राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों को 31 दिसंबर 2026 तक समर्थ पोर्टल के लेखा एवं वित्त, कर्मचारी सेवाएं और अकादमिक पैकेज के सभी 26 मॉड्यूल्स पूर्णतः लागू करने का निर्देश दिया। बताया गया कि समर्थ पोर्टल से प्रशासनिक व्यय में करोड़ों की बचत हुई है और निर्णय प्रक्रिया अधिक जवाबदेह बनी है। सभी विवि में नामांकन समर्थ पोर्टल से ही हो रहा है। - 211 नए कॉलेजों में संविदा सहायक प्राध्यापकों की केंद्रीयकृत नियुक्ति
नवसृजित 211 राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के लिए संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की केंद्रीयकृत नियुक्ति प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बेहतर वेतनमान और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए चयन प्रक्रिया तय की गई है। - लंबित डिग्रियां 30 सितंबर तक मिलेंगी
छात्रों की लंबित डिग्रियों के समयबद्ध वितरण के लिए मिशन मोड में काम हो रहा है। इसे 30 सितंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। - शिक्षकों का तबादला अब सिर्फ जून में
प्रशासनिक अनुशासन के लिए सामान्य स्थानांतरण केवल जून माह में होंगे। अन्य स्थानांतरण सिर्फ अति आवश्यक होने पर कुलाधिपति के पूर्वानुमोदन से ही हो सकेंगे। - नई पहल: पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप, कुलाधिपति ट्रॉफी
शोध को बढ़ावा देने के लिए कुलाधिपति पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप, मुख्यमंत्री शोध अनुदान योजना और मुख्यमंत्री शोध छात्रवृत्ति योजना पर सहमति बनी। उत्कृष्ट संस्थानों के लिए कुलाधिपति ट्रॉफियों की शुरुआत होगी। शोधार्थियों के लिए समर्पित कुलाधिपति पुस्तकालय का प्रस्ताव है। - नया विश्वविद्यालय अधिनियम बनेगा
15 राज्यों के अधिनियमों का अध्ययन कर बिहार के विश्वविद्यालयों के लिए नया अधिनियम बनाया जाएगा। यह केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य राज्यों की श्रेष्ठ प्रणालियों पर आधारित होगा। - NEP 2020: 43 PG विषयों का पाठ्यक्रम जुलाई में
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्नातकोत्तर के 43 विषयों के पाठ्यक्रम का अनुमोदन जुलाई के पहले सप्ताह तक दिया जाएगा। हर संस्थान में सालाना कम से कम एक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम अनिवार्य होगा।
सीएम सम्राट चौधरी: सुधारों से बिहार के छात्र बाहर नहीं जाएंगे
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल की पहलों की सराहना की। कहा कि इन सुधारों से शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ेगी और बिहार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
ये रहे मौजूद
बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव लोकेश कुमार सिंह, उच्च शिक्षा निदेशक प्रो एनके अग्रवाल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
