पटना सिटी, न्यूज क्राइम 24। तप त्याग साधना की प्रतिमूर्ति तपस्वी संत मुनि श्री 108 महिमा सागर जी महाराज ससंघ 4 निर्गन्थ जैन मुनि और 3 साध्वी के ससंघ का रविवार को हाजीगंज स्थित पारसनाथ दिगम्बर जैन गुरारा मंदिर में हुआ। मीडिया प्रतिनिधि प्रवीण जैन ने बताया कि रात्रि विश्राम कमलदह दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र गुलजारबाग में हुआ। जैन साधु-संतों का भव्य स्वागत पटना जैन समाज ने पाद प्रक्षालन, मंगल आरती कर किया। महिलायें मस्तक पर मंगल कलश लिये जयकारा गुरुदेव की जयघोष कर रही थी।
दिगम्बर जैन मुनि की चर्या बहुत कठिन होती है, कड़ाके की ठण्ड में भी अपने तन पर एक वस्त्र तक धारण नही करते, 24 घंटे में एक बार ही आहार ग्रहण करते है, नंगे पॉव पदयात्रा करते है। प्रतिदिन लगभग 30 कि•मी• पैदल विहार करते है। सम्मेद शिखर जी झारखण्ड से चलकर मंदारगिरी, पावापुरी, कुण्डलपुर, राजगीर पंचतीर्थ की यात्रा कर महामुनि श्री सेठ सुदर्शन स्वामी की निर्वाण भूमि कमलदह पटना पहुंचे है। जैन मुनि के जत्था में परम पूज्य मुनि श्री 108 महिमा सागर जी महाराज ससंघ में मुनि श्री अजित सेन जी महाराज, मुनि श्री दिव्यसेन जी महाराज, मुनि श्री परम सागर जी महाराज जैन साध्वी आर्यिका श्री 105 सुग्रीव मति माता जी, आर्यिका श्री सुभद्रा मति माता जी, क्षुल्लिका सम्मेद श्री माता जी ससंघ शामिल है।
