बिहार

पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, कई रेस्टोरेंटों में मिलीं अनियमितताएं; एक्सपायर्ड और खराब खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट

पटना/मुजफ्फरपुर, (न्यूज़ क्राइम 24) आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से पटना और मुजफ्फरपुर में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कई रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन, साफ-सफाई में कमी, एक्सपायर्ड सामग्री का इस्तेमाल तथा खाद्य पदार्थों के भंडारण में लापरवाही सामने आई। विभाग की टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कराई, वहीं कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। गंभीर अनियमितता मिलने पर कुछ रेस्टोरेंट के किचन बंद रखने के निर्देश भी दिए गए।

पटना के बुद्ध मार्ग स्थित मेसर्स अनमोल होटल में निरीक्षण के दौरान किचन में साफ-सफाई की कमी और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया। कार्रवाई के दौरान पनीर, रोस्टेड चिकन, ग्रेवी, मंचूरियन मसाला, व्हाइट ग्रेवी मिक्स, कच्चा चिकन, पनीर फ्राई, मशरूम, मंचूरियन, कटी हुई सब्जियां और प्याज सहित कुल ₹36,650 मूल्य की खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। प्रतिष्ठान से पनीर और चिकन के नमूने भी संग्रहित किए गए। इसके अलावा कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट और वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। खाद्य सामग्री के भंडारण में FIFO नियम का पालन नहीं किए जाने पर प्रतिष्ठान को सात दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया।

वहीं, बिहार म्यूजियम के सामने बेली रोड स्थित मेसर्स मटन महल में जांच के दौरान सरसों तेल का नमूना संग्रहित कर खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया। प्रतिष्ठान को खाद्य अनुज्ञप्ति में आवश्यक सुधार करने तथा सात दिनों के भीतर कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट और वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

आशियाना-दीघा रोड स्थित बिरयानी महल में कार्रवाई के दौरान 13 किलोग्राम हाफ बॉयल्ड चिकन, 3 किलोग्राम वेज आइटम और डेढ़ किलोग्राम उबला हुआ मटन जब्त कर नष्ट किया गया। जब्त सामग्री का मूल्य लगभग ₹3,150 बताया गया है। वहीं एसके पुरी स्थित बिरयानी बूल्ज के निरीक्षण में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे हुए पाए गए। कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट तथा FEFO और FIFO नियमों से संबंधित व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं थी। टीम ने कच्चे बासमती चावल का नमूना संग्रहित किया।

एसके पुरी, बोरिंग रोड स्थित बिरयानी महल में भी खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी कमियां सामने आईं। यहां वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल प्रमाण पत्र और कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं पाया गया। विभाग की टीम ने चिकन मसाला और कच्चे मटन के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए।

फ्रेजर रोड स्थित द बिरयानी मॉल में निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड दूध, अमूल चीज, डेयरी क्रीम सहित अन्य खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। जब्त सामग्री का मूल्य लगभग ₹2,000 था। प्रतिष्ठान से कच्चे चिकन के दो नमूने भी जांच के लिए भेजे गए। खाद्य सुरक्षा मानकों में गंभीर कमी पाए जाने पर तीन दिनों तक किचन बंद रखने का निर्देश दिया गया।

इसी तरह बोरिंग कैनाल रोड स्थित कोलकाता बिरयानी महल के किचन में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। यहां वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट, मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र और पेस्ट कंट्रोल से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। टीम ने रॉ चिकन मीट और मिर्च पाउडर के नमूने संग्रहित किए तथा किचन की अस्वच्छ स्थिति को देखते हुए दो दिनों तक बंद रखने का निर्देश दिया।

वेस्ट बोरिंग कैनाल रोड स्थित टेस्टी ट्रीट रेस्टोरेंट एंड कैफे में निरीक्षण के दौरान सड़ी-गली खाद्य सामग्री पाई गई। टीम ने 2 किलोग्राम चिकन, 1 किलोग्राम पीली दाल, 1 किलोग्राम पकी हुई मछली और 3 किलोग्राम ग्रेवी जब्त कर नष्ट कराई। इसकी कुल कीमत लगभग ₹1,000 बताई गई।

आशियाना नगर स्थित बिग बास्केट (इनोवेटिव रिटेल कॉन्सेप्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) के निरीक्षण में खाद्य और गैर-खाद्य सामग्रियों को एक साथ रखा हुआ पाया गया। साथ ही FEFO और FIFO नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र और FOSTAC प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत नहीं किया गया। विभाग की टीम ने सरसों तेल, पिस्ता बादाम, चीनी और मिक्स दाल के नमूने संग्रहित किए।

उधर, मुजफ्फरपुर के शर्फुद्दीनपुर चौक स्थित ए.आर. बेकरी में भी खाद्य संरक्षा विभाग ने कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान बिकाजी भुजिया, थम्स अप, स्प्राइट और माजा सहित विभिन्न खाद्य एवं पेय पदार्थों में अनियमितताएं पाई गईं। टीम ने संबंधित सामग्री जब्त कर नष्ट कराई, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹2,100 बताई गई।

खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह का निरीक्षण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की हिदायत दी है।

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