पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) आगामी छठ महापर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। इस संबंध में आयोजित बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों को छठ घाटों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक व्यवस्थाएँ समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में निर्देश दिया गया कि जिले में जहाँ-जहाँ छठ पूजा का आयोजन होता है, वहाँ सबसे पहले खतरनाक एवं अनुपयोगी घाटों को चिह्नित किया जाए। बाढ़ के कारण घाटों की भौगोलिक स्थिति, जलस्तर एवं पहुँच मार्ग में बदलाव की संभावना को देखते हुए सभी घाटों का पुनः निरीक्षण करना आवश्यक है। खतरनाक एवं अनुपयोगी घोषित घाटों पर स्पष्ट सूचना प्रदर्शित की जाए, ताकि श्रद्धालु वहाँ नहीं जाएँ और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को रोका जा सके।
इसके बाद पूजा के लिए उपयुक्त घाटों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में तत्काल कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया। घाटों तक पहुँचने वाली मुख्य सड़कों एवं पहुँच पथों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए, ताकि व्रतियों एवं श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाई न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर निर्माणाधीन सीढ़ी घाटों एवं अन्य संबंधित संरचनाओं का कार्य भी शीघ्र पूरा करने को कहा गया, जिससे छठ महापर्व के दौरान उनका उपयोग किया जा सके।
घाटों पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता
सभी चिह्नित एवं उपयोगी छठ घाटों पर बिजली, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रूम तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। छठ घाटों की तैयारी के लिए गठित सेक्टरों में प्रतिनियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेटों को इन सभी बिंदुओं पर सतत निगरानी रखने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
नगर निगम एवं सभी नगर निकायों को घाटों की समुचित साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध करने का निर्देश दिया गया। घाटों एवं पहुँच मार्गों पर यदि कहीं अतिक्रमण हो, तो उसे हटाने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवश्यक तैयारी करने का निर्देश
सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में स्थित छठ घाटों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रत्येक घाट पर व्रतियों एवं श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण, आवश्यक सुविधाएँ तथा सुगम आवागमन उपलब्ध हो।
आपदा प्रबंधन विभाग को छठ घाटों की संवेदनशीलता एवं आवश्यकता के आकलन के आधार पर पर्याप्त संख्या में नावों, प्रशिक्षित गोताखोरों तथा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं सिविल डिफेंस की टीमों की तैनाती के लिए आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया गया। संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों एवं बचाव व्यवस्थाओं को पूर्व से तैयार रखने पर जोर दिया गया।
यातायात प्रबंधन एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था
छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवाजाही को देखते हुए सुगम एवं व्यवस्थित यातायात संचालन के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने तथा उसके अनुरूप समय रहते कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। घाटों के आसपास यातायात नियंत्रण, पार्किंग एवं आवागमन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
बैठक में ट्रैफिक एसपी श्री सागर कुमार सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
