बिहार

संध्या चौपाल को प्रभावी बनाने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अंतरविभागीय समन्वय बैठक आयोजित

कटिहार, (न्यूज़ क्राइम 24) जिलाधिकारी अशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य, आईसीडीएस, शिक्षा, जीविका, सामाजिक सुरक्षा, जिला कल्याण, पंचायती राज, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। बलरामपुर पायलट प्रोजेक्ट एवं संध्या चौपाल के पिछले तीन महीनों के अनुभवों के आधार पर अल्पकालिक परिचालन लक्ष्य (Short-Term Operational Targets) निर्धारित करने तथा दीर्घकालिक सेवा मानकों (Long-Term Service Benchmarks) को प्राप्त करने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी माँ सुरक्षित संस्थागत प्रसव एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण एवं चौथी ANC जाँच की उपलब्धियों में और सुधार लाने के लिए विभागीय समन्वय को आवश्यक बताया गया।

संध्या चौपाल का मूल उद्देश्य है – विभागीय समन्वय, सुशासन एवं जनभागीदारी के माध्यम से पंचायत स्तर पर योजनाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करना और निर्धारित लक्ष्यों को धरातल पर परिणामों में बदलना।

संध्या चौपाल में सभी विभागों की सहभागिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित :

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि संध्या चौपाल अब केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक सप्ताह एक निर्धारित विभाग इसकी अगुवाई करेगा। संबंधित विभाग पंचायत स्तर पर अपनी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुँचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएँगे। प्रत्येक विभाग अपने तीन से चार प्रमुख इंडिकेटर का चयन कर TPT (Template/Tracking Plan) के माध्यम से उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करेगा। प्रत्येक बुधवार को सभी पंचायतों में चयनित स्थल पर विभागीय योजनाओं, पात्र लाभुकों, उपलब्ध सुविधाओं एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की जाएगी तथा इसकी प्रगति प्रतिवेदन के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी।

थीम आधारित संध्या चौपाल एवं परिणामोन्मुख निगरानी की व्यवस्था :

आगामी संध्या चौपाल के लिए पहले से थीम निर्धारित करने, पंचायत स्तर पर नागरिकों को पूर्व सूचना देने तथा पंचायत राज के नोडल पदाधिकारियों के माध्यम से कार्यक्रम का समुचित समन्वय सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, शिक्षा, PHED, पंचायती राज एवं राजस्व सहित संबंधित विभाग आपसी सहयोग से पंचायतों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रम संचालित करेंगे। पूर्व की चौपालों से प्राप्त अनुभवों एवं कमियों की समीक्षा कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समन्वय बैठकों के माध्यम से निर्धारित इंडिकेटरों की प्रगति एवं योजनाओं के वास्तविक परिणामों की सतत निगरानी की जाएगी।

सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुँचे तथा कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी या समन्वय के अभाव में वंचित न रहे :

जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाएँ केवल सरकारी योजनाओं की लाभुक नहीं, बल्कि पूरे परिवार के स्वास्थ्य एवं कल्याण की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। विशेषकर गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों में उनकी सुरक्षा, सम्मान एवं सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए केवल महिला तक सूचना पहुँचाना पर्याप्त नहीं, बल्कि पति, सास-ससुर एवं परिवार के अन्य सदस्यों को भी जागरूक कर व्यवहारगत परिवर्तन लाना होगा। संध्या चौपाल के माध्यम से प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुँचे तथा कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी या समन्वय के अभाव में वंचित न रहे।

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