फुलवारीशरीफ, अजीत। तीन दिनों से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों का रविवार को आखिरकार गुस्सा फूट पड़ा. गौरीचक थाना क्षेत्र के बेलदारीचक चौराहे पर सुबह करीब नौ बजे सैकड़ों ग्रामीणों ने पटना-गया स्टेट हाईवे को जाम कर दिया. आक्रोशित लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया. बिहटा-सरमेरा पुल के समीप हुए इस प्रदर्शन के कारण पटना-गया हाईवे के दोनों लेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. करीब चार घंटे तक सड़क जाम रहने से यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना था कि पिछले तीन दिनों से इलाके में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है. कई इलाकों में घंटों बिजली गायब रहती है, जबकि कभी बिजली आती भी है तो कुछ ही देर बाद दोबारा कट जाती है. लगातार बिजली की आंख-मिचौनी से लोग परेशान हो चुके थे. बिजली नहीं रहने के कारण सबसे बड़ी समस्या पेयजल को लेकर खड़ी हो गई थी. घरों में मोटर और पानी की टंकियां नहीं चल पाने के कारण लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार लखन पूर्वी पंचायत और बरना पंचायत सहित आसपास के करीब तीन दर्जन गांवों में बिजली संकट का असर पड़ा. कई घरों में लगातार अंधेरा पसरा रहा. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई, घरेलू कामकाज ठप रहे और लोगों को मोबाइल चार्ज करने तक के लिए परेशानी उठानी पड़ी. ग्रामीणों का कहना था कि दिन हो या रात, बिजली आपूर्ति की कोई निश्चित व्यवस्था नहीं रह गई थी।
आंधी-पानी और तकनीकी खराबी का हवाला देने से बढ़ा आक्रोश-
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की ओर से हर बार आंधी-पानी या तार और पोल में खराबी का हवाला देकर समस्या को टाल दिया जाता है. तीन दिनों से लगातार बिजली संकट के बावजूद विभाग की ओर से स्थिति सामान्य करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए. इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
ग्रामीणों का सबसे ज्यादा आक्रोश बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर के प्रति था. लोगों का आरोप था कि बिजली संकट की जानकारी देने और आपूर्ति बहाल कराने के लिए कई बार जेई को फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया. अधिकारियों से संपर्क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर बिजली कब तक बहाल होगी. इसी नाराजगी के बाद रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए।
टायर जलाकर किया प्रदर्शन, हाईवे पर लगी वाहनों की कतार
सुबह करीब नौ बजे बेलदारीचक चौराहे पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई. देखते ही देखते पटना-गया स्टेट हाईवे पर आवागमन रोक दिया गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया. दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई. बस, ट्रक, ऑटो, कार और अन्य छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए. कई यात्रियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ा।
जाम की सूचना मिलने पर गौरीचक थानाध्यक्ष सुमन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर जाम समाप्त कराने का प्रयास किया. लेकिन तीन दिनों से बिजली संकट से परेशान ग्रामीण तत्काल बिजली बहाल करने की मांग पर अड़े रहे. इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच कई बार नोकझोंक और तू-तू, मैं-मैं की स्थिति भी बनी. पुलिस प्रशासन को लोगों को समझाने और सड़क से हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
चार घंटे बाद बिजली बहाल, तब हटाया गया जाम-
करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद दिन में लगभग एक बजे इलाके की बिजली आपूर्ति बहाल की गई. बिजली आने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश कुछ शांत हुआ और सड़क से प्रदर्शनकारी हटने लगे. इसके बाद पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर फंसे वाहनों को निकालकर यातायात सामान्य कराया।
ग्रामीणों ने कहा कि बिजली बहाल होने के बाद फिलहाल राहत मिली है, लेकिन यदि दोबारा इसी तरह घंटों बिजली काटी गई और विभाग के अधिकारी लोगों का फोन नहीं उठाएंगे तो ग्रामीण फिर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे. लोगों ने बिजली विभाग से निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब तार और अन्य उपकरणों की समय पर मरम्मत कराने तथा बिजली संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
