दिल्ली, सोनू कुमार : निर्वाचन आयोग ने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर के दौरान जिन व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके घरों पर बूथ स्तर के अधिकारी-बीएलओ जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे। बीएलओ बाद में इन दस्तावेजों को ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म पर अपलोड करेंगे। यह निर्णय नई दिल्ली में आयोग की बैठक में लिया गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसे व्यक्तियों को मतदाता पंजीकरण अधिकारी सुनवाई के लिए नहीं बुलाएंगे। सुनवाई केवल असाधारण परिस्थितियों में ही ऑनलाइन की जाएगी। यदि सुनवाई आवश्यक हो, तो मतदाता अपने परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से उपस्थित होने के लिए अधिकृत कर सकते हैं।
बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर पूरा हो चुका है। आयोग ने दोहराया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एसआईआर का आदेश आयोग की सर्वसम्मति से जारी किया गया था। आयोग ने कहा कि एसआईआर के दौरान जिनका नाम छूट गया है और अपना नाम शामिल करवाना चाहते हैं, तो वे संबंधित मतदाता पंजीकरण अधिकारी के पास आवेदन कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मतदाता पंजीकरण अधिकारी इन मतदाताओं के नामांकन के लिए तत्काल विशेष अभियान शुरू करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी पर्याप्त संख्या में सहायता केंद्र स्थापित करेंगे और रात्रि आश्रयों में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघरों के लिए विशेष शिविर आयोजित करेंगे।दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुरोध के बाद आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। नोटिस, दावों और आपत्तियों के निपटान की अवधि भी 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है
