फुलवारी शरीफ, सुधीर कुमार : शिक्षा व रोजगार का अधिकार और मुस्लिम महिलाएं विषय को लेकर रविवार को फुलवारी शरीफ में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।तहरीक-ए-निस्वां, पटना की ओर से आयोजित इस गोष्ठी में महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समानता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और अधिकार प्रदान करता है। जाति, धर्म, लिंग और वर्ग के आधार पर भेदभाव की इजाजत नहीं है। इसके बावजूद समाज के अल्पसंख्यक और कमजोर वर्ग की लड़कियों एवं महिलाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर हासिल करने में कई तरह की सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा के साथ रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान फातिमा शेख और सावित्रीबाई फुले के शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्ष होता रहा है। आज भी सामाजिक बराबरी, शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करने के लिए समाज में जागरूकता और सामूहिक प्रयास की जरूरत है।
गोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. फरहत बाबू और मुख्य अतिथि मीना तिवारी समेत अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने समाज में बढ़ती नफरत और भेदभाव के खिलाफ सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और एकजुटता को मजबूत करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम अल फज्र मैरिज हॉल, इसोपुर पुल के पास, गुलिस्तां मोहल्ला, फुलवारी शरीफ में आयोजित किया गया। गोष्ठी में शिक्षा व रोजगार का अधिकार और मुस्लिम महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए महिलाओं और लड़कियों के बीच शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें समान अवसर दिलाने का आह्वान किया गया।
