पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार में चीनी उद्योग को बढ़ावा देने और नई चीनी मिलों की स्थापना की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित उच्चस्तरीय समिति की बैठक में गन्ना उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मार्च 2027 तक नवादा, मोतीपुर और गोपालगंज के सासामूसा में नई चीनी मिल स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। गन्ना उद्योग विभाग के सचिव श्री धर्मेंद्र सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की अद्यतन स्थिति तथा राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।
बैठक में गन्ना उत्पादक जिलों में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बड़े स्तर पर परियोजना का डीपीआर तैयार करने का निर्देश जल संसाधन विभाग को दिया गया। वहीं, लौरिया और सुगौली चीनी मिल में प्रस्तावित परियोजना की स्थापना के लिए एचपीसीएल बायोफ्यूल्स लिमिटेड के साथ मुख्य सचिव स्तर पर बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। वहीं, कृषि विभाग को बिहार में नीलगाय की समस्या के समाधान के लिए नई तकनीकों पर आधारित प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया।
सकरी और रैयाम में चीनी मिल स्थापना पर जोर-
बैठक में मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम में चीनी मिल की स्थापना को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड, गन्ना उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग के साथ नई दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में मुख्यमंत्री, बिहार और केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष भी प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। सकरी और रैयाम में चीनी मिल के लिए जमीन हस्तांतरण से संबंधित बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक पर स्वीकृति के संबंध में मुख्य सचिव स्तर से महाधिवक्ता से परामर्श लेने का भी निर्देश दिया गया।
बेगूसराय और पूर्णिया में जमीन चिन्हित होगी-
राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए जमीन की उपलब्धता पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। मोतिहारी, सारण और भागलपुर के जिलाधिकारियों को जमीन की उपलब्धता के संबंध में मुख्य सचिव स्तर से पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। वहीं, बेगूसराय और पूर्णिया जिलों में प्राथमिकता के आधार पर उद्योग विभाग से समन्वय कर चीनी मिल स्थापना के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया गया। चकिया (पूर्वी चंपारण) और वारिसलीगंज (नवादा) में प्रस्तावित जमीन का तकनीकी मूल्यांकन/रिपोर्ट राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (एनसीयूआई), नई दिल्ली के माध्यम से तैयार कराने का निर्देश दिया गया।
मोतीपुर मिल की जमीन वापस लेने की प्रक्रिया होगी तेज-
मुजफ्फरपुर के मोतीपुर चीनी मिल की जमीन वापस प्राप्त करने के लिए वित्त विभाग से प्राप्त राशि को इंडियन पोटाश लिमिटेड को नियमानुसार हस्तांतरित करने का निर्देश गन्ना उद्योग विभाग को दिया गया। वहीं, सासामूसा चीनी मिल की स्थापना के मामले में न्यायालय से प्राप्त आदेश के बाद निवेशक के साथ समन्वय कर मिल की स्थापना की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। हथुआ राज की जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया गया।
गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति में होगा सुधार-
बैठक में बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 की मार्गदर्शिका में जमीन की उपलब्धता और परियोजना मूल्यांकन से संबंधित प्रावधानों में सुधार करने का निर्देश दिया गया। परियोजनाओं के लिए कमिटेड अप्रूवल की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया। वर्द्धन सीबीजी के प्रबंध निदेशक अमित कुमार सिंह ने सुझाव दिया कि बिहार के निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए जमीन की उपलब्धता एवं परियोजना मूल्यांकन के दौरान बिहार के निवेशकों को पांच अंक का अतिरिक्त वेटेज देने का प्रावधान किया जा सकता है।
