पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने गंगा नदी में हो रहे कटाव एवं काजीकोरैया–राघोपुर तथा लत्तीपुर–नारायणपुर तटबंधों पर बढ़ते जल दबाव को लेकर अभियंता प्रमुख (बाढ़) से दूरभाष पर वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली। मंत्री ने तटबंधों को कटाव से सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास करने तथा भविष्य में भी तटबंधों की स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
वार्ता के क्रम में अभियंता प्रमुख (बाढ़) द्वारा बताया गया कि गंगा की धारा नवगछिया क्षेत्र में बाईं ओर स्थित तटबंध की ओर शिफ्ट होने के कारण लत्तीपुर–नारायणपुर एवं काजीकोरैया–राघोपुर तटबंधों पर वर्तमान में अत्यधिक दबाव बना हुआ है। विभागीय अभियंता तटबंधों की सुरक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्यरत हैं तथा दिवा-रात्रि बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है।
काजीकोरैया–राघोपुर मार्जिनल बांध के विभिन्न हिस्सों में नदी की तेज धारा के कारण कटाव की स्थिति उत्पन्न हुई है। विशेष रूप से विक्रमशिला सेतु के अपस्ट्रीम में नदी की धारा के दबाव के कारण बांध पर लगातार दबाव बना हुआ है।
दिनांक 23 अगस्त की रात्रि से E-Nose के डाउनस्ट्रीम में अत्यधिक नदी दबाव के बीच लगातार बाढ़ संघर्षात्मक कार्य किए जा रहे थे। तेज कटाव के कारण 24 अगस्त को राघोपुर बांध-सह-रेलवे टैगिंग बांध का लगभग 30 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। क्षतिग्रस्त E-Nose के भाग को कट-एंड-होल्ड किया जा रहा है तथा उसके डाउनस्ट्रीम में हो रहे भूक्षरण को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य लगातार जारी हैं।
कट-एंड के डाउनस्ट्रीम में नदी की बैक-रोलिंग के कारण उत्पन्न कटाव की प्रवृत्ति को नियंत्रित करने के लिए विभाग द्वारा लगातार बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। साथ ही, दोनों कट-एंड को सुरक्षित रखने एवं पानी के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए रिंग बांध का निर्माण भी प्रारंभ किया गया है। प्रभावित क्षेत्र में लगभग 22 हेक्टेयर भूमि में पानी का फैलाव हुआ है, हालांकि अब तक किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई है।
सुरक्षात्मक कार्यों के लिए मौके पर 2.50 लाख बालू भरे बोरे, 20 नाव, 30 ट्रैक्टर, 1 पोकलेन एवं 3 जेसीबी उपलब्ध हैं। लगभग 250 श्रमिकों द्वारा अहर्निश बाढ़ संघर्षात्मक कार्य किया जा रहा है। विभागीय वरीय पदाधिकारियों द्वारा स्थल का लगातार सूक्ष्म पर्यवेक्षण किया जा रहा है तथा मुख्यालय से दो विशेष दल भी स्थल पर प्रतिनियुक्त किए गए हैं। मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने स्पष्ट किया कि तटबंधों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कटाव पर निरंतर निगरानी रखते हुए तत्कालीन सुरक्षा कार्यों के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएँ।
अभियंता प्रमुख (बाढ़) ने बताया कि बाढ़ अवधि समाप्त होने के बाद मैथमेटिकल मॉडलिंग कराकर उसके अध्ययन के परिणामों के अनुरूप तटबंधों की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। सरकार एवं विभाग की पूरी टीम तटबंधों की सुरक्षा और प्रभावित क्षेत्रों में जल के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ कार्यरत है। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार बाढ़ संघर्षात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
