पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) जिलाधिकारी श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि जिले में संचालित सभी लोक कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराएं। योजनाओं के क्रियान्वयन में यदि किसी विभाग को दूसरे विभाग से संबंधित किसी प्रकार की कठिनाई आती है, तो उसकी जानकारी साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक में दें, ताकि संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान कराया जा सके।
जिलाधिकारी श्री कुन्दन कुमार साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदान की जाने वाली सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
लोक शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर विशेष जोर-
जिलाधिकारी ने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का निर्देश दिया। विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जन शिकायतों के मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।
सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पटना जिले में अब तक कुल 30,265 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 28,809 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। शेष 1,456 लंबित आवेदनों का भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर अबतक 7 आवेदन आये हैं. इनके ससमय निष्पादन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया.
समीक्षा के दौरान पाया गया कि सहयोग पोर्टल से संबंधित 36 मामलों में संबंधित अधिकारियों के पास उन्हें किये गए शो कॉज के मामले लंबित हैं. संबंधित अधिकारियों को शोकॉज का जवाब के साथ साथ उन मामलों से संबंधी रिपोर्ट भी सहयोग पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने का निर्देश दिया गया।
न्यायालयीय मामलों की समीक्षा के दौरान पिछले एक सप्ताह में एक भी कोर्ट केस का निष्पादन नहीं करने वाले पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई। इनमें अंचल अधिकारी सम्पतचक, पटनासिटी, दीदारगंज, खुशरूपुर, दनियावा, फतुहा, नौबतपुर, दुल्हिन बाजार, विक्रम, पालीगंज, पंडारक, बाढ़ एवं मोकामा शामिल हैं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को न्यायालयीय मामलों के निष्पादन में तेजी लाने तथा लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने का निर्देश-
मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के लिए जिला कल्याण पदाधिकारी से कहा गया कि विकास मित्रों की सहायता से युवाओं को योजना के बारे में जागरूक करते हुए आवेदन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में सहयोग प्रदान किया जाए। डिग्री कॉलेजों एवं कल्याण छात्रावासों से भी समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को योजना का लाभ दिलाने को कहा गया।
प्रखंडों में संचालित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश-
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में संचालित विभिन्न योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। जिन योजनाओं का भुगतान लंबित है, वहां नियमानुसार त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया। जिन प्रखंडों का उपयोगिता प्रमाण-पत्र लंबित है, उन्हें शीघ्र जिला स्तर पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
पंचायत सरकार भवन एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप निर्माण में तेजी लाने के निदेश-
जिलाधिकारी ने पंचायत सरकार भवन एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप के निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग एवं पदाधिकारी आपसी समन्वय से भूमि चयन, अनापत्ति प्रमाण-पत्र सहित निर्माण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराएं।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत भूमि चयन के बाद अनापत्ति प्रमाण-पत्र के लिए अंचल अधिकारियों के स्तर पर 63 मामले लंबित हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का निष्पादन करते हुए एक सप्ताह के भीतर अनापत्ति प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. अनापत्ति प्रमाण-पत्र से संबंधित लंबित मामलों में पालीगंज में सर्वाधिक 10 तथा फुलवारीशरीफ अंचल में 8 मामले हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अंचल अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर इन मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अनापत्ति प्रमाण-पत्र के अभाव में मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप के निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने पंचायत स्तर पर कार्यरत सभी कर्मियों को पंचायत सरकार भवन में बैठकर कार्य करने तथा वहीं बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संबंधित कर्मियों का भुगतान बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाएगा।
जिन पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण नहीं हुआ है, वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत भूमि उपलब्ध कराने एवं निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। वहीं, जिन पंचायतों में सोलर लाइट अब तक स्थापित नहीं की गई है, वहां शीघ्र सोलर लाइट लगाने के लिए संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
राजस्व महाअभियान के लंबित मामलों के निष्पादन के लिए कैंप लगाने का निर्देश-
राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि दाखिल-खारिज के निष्पादन में जिले में काफी प्रगति हुई है। हालांकि, राजस्व महाअभियान से संबंधित कई मामले अभी भी लंबित हैं। जिलाधिकारी ने ऐसे अंचलों, जहां राजस्व महाअभियान के मामले अधिक संख्या में लंबित हैं, के अंचलाधिकारियों एवं भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को अपने कर्मियों के साथ जिला स्तर पर कैंप कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आश्रयगृह में रह रही महिला के इलाज की तत्काल व्यवस्था का निर्देश-
बैठक में सामाजिक सुरक्षा के पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि एक आश्रयगृह में रह रही महिला को किडनी स्टोन के ऑपरेशन की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन को तत्काल संबंधित महिला के उपचार एवं सर्जरी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभाग की योजनाओं एवं कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा आपसी समन्वय के साथ आमजन को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मूल उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान है। बैठक में उप विकास आयुक्त श्री शुभम कुमार सहित सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
